कवर्धा। छत्तीसगढ़ के भोरमदेव अभयारण्य के अंदरूनी इलाके में गुरुवार को पुलिस और नक्सली मुठभेड़ हो गई। क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बल को रवाना किया गया।

घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों को देखते ही अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए तुरंत जवाबी कार्रवाई की। उन्हें भारी पड़ता देख नक्सली भाग गए।

स्पेशल डीजी, नक्सल ऑपरेशन गिरधारी नायक ने बताया कि कवर्धा जिले के जंगल में लगातार ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस इलाके में हुई मुठभेड़ की यह दूसरी घटना है। सर्चिंग के दौरान मौके से भारी मात्रा में दैनिक उपयोग की सामग्री मिली है। मुठभेड़ में कई नक्सलियों के घायल होने की बात कही जा रही है। वहां खून के भी निशान मिले हैं। जवानों के मौके से लौटने के बाद ही विस्तृत जानकारी मिल पाएगी।


जनमिलिशिया कमांडर जब्बा ने किया समर्पण

दरभा डिवीजन के कटेकल्याण एरिया कमेटी में पांच वर्षों से सक्रिय मिलिशिया कमांडर मार्जुमजब्बा(27) पुत्र लक्ष्मण नाग ने गुरुवार को मनोज कुमार गौतम कमांडेंट, खान सलीम अहमद डिप्टी कमांडेंट 277 बटालियन के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण कर दिया।

जब्बा ने बताया कि उसे कटेकल्याण एरिया कमेटी सचिव जगदीश व मंगतू ने मिलिशिया सदस्य के रूप में वर्ष 2013 में भर्ती किया। उसके बाद से भाषणों से ग्रामीणों को जोड़ता रहा। अभी वह बतौर मिलिशिया कमांडर कार्यरत था। बस्तर में आंध्रप्रदेश व तेलंगाना के नक्सली लीडर ही संगठन को चला रहे हैं। वह बस्तर कैडर के साथ भेदभाव करते हैं।

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