चिल्फीघाटी। महेश मानिकपुरी

हर वर्ष इस ठण्ड के मौसम में सतपुड़ा पर्वत के मैकल श्रेणियों में बसा व मिनी कश्मीर के नाम से जाना जाने वाला चिल्फीघाटी में कड़ाके की ठण्ड के साथ बर्फबारी होती है। जिसे देखने सैलानी दूर दूर से आते हैं। हजारों एकड़ में फैले जंगल के चारों ओर सर्द हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आने से चिल्फी व आसपास के क्षेत्रों में मध्य रात्रि में गिरी ओस की बूंदे बर्फ का रूप ले लेती है। जिसका नजारा देखते ही बनता है।

यहां तापमान में गिरावट के चलते क्षेत्र में ठिठुरन बढ़ गई है। शुक्रवार को मौसम के साफ होते हो दिनभर सर्द हवाएं चली जिसके कारण रात में गिरी ओस की बूंदे बर्फ बन गई है। यहां साल दिसंबर में हाड़ कपा देने वाली ठण्ड पड़ती है। शनिवार की सुबह साल की पहली बर्फबारी देखने को मिली। जहां क्षेत्र के हरे-भरे पत्ते ,घास-फूस, खलिहानों में रखे पैरावट, घास, कधो मकानों के छप्पर, खड़ी वाहनों में बर्फ बारी देखा गया। इस बर्फबारी का नजारा देखने सैलानी रायपुर, दुर्ग, भिलाई, कवर्धा, बेमेतरा से पहुंच रहे हैं। तापमान में 4 डिग्री गिरावट के चलते बाल्टी, टब, थाली रखे हुए पानी भी जम गए हैं। खेत खलियानों में गिरी ओस की बूंदे ऐसी प्रतीत हो रही है, जैसे किसी ने सफेद चादर बिछा दी हो। बर्फबारी होने से क्षेत्र के बधो बर्फ से खेलते रहे और मौसम का आनंद उठाते रहे। वहीं ठिठुरन से बचने लोग अलाव का सहारा लेते रहे।

कवर्धा के खेड़ापति मंदिर में हनुमानजी को ओढ़ाई शॉल

कवर्धा शहर में ठंड से बचने के लिए लोग कई जतन कर रहे हैं। वहीं शहर के खेड़ापति मंदिर में भगवान हनुमान को शाल ओढ़ाया गया। इसी तरह अन्य मंदिरों में में भी रात को सोने के लिए देवी-देवताओं के कक्ष में रजाइयां रखी जा रही हैं। भगवान को लगाने वाले भोग भी सर्दी के हिसाब से तैयार किए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में उत्तरी हवाएं आ रही है। दो दिन तक बर्फीली हवाएं आने से तीन दिन पहले कबीरधाम जिले में हल्की बारिश हुई। इसके बाद ठंड में भी इजाफा हुआ। शनिवार को कवर्धा शहर में में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री रहा। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट जारी रहेगी। जानकारी के अनुसार अरब सागर में कम दबाव का सिस्टम बन रहा है। इसके असर से छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों में फिर बादल आ सकते हैं। इस वजह से ठंड कुछ कम होने की संभावना है।

जहां तक जिले के मैदानी इलाकों का सवाल है पंडरिया, पांडातराई, सहसपुर लोहारा, पोंड़ी, कुंडा, पिपरिया में भी तापमान 10 से 12 डिग्री के करीब पहुंच गया है। कवर्धा में में रात का तापमान एक दिन में 4 डिग्री गिरकर 13 डिग्री पर पहुंच गया है।

दो दिन बाद एक और तूफान

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अरब सागर में कम दबाव का सिस्टम (तूफान) बन रहा है। इसके असर से महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ तथा आसपास के राज्यों में फिर बादल आ सकते हैं। इस वजह से ठंड कुछ कम होने की संभावना है। लेकिन तब तक रात ही नहीं, दिन में भी का तापमान कम रहेगा।

शीत लहर और पाला से बचाव के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव ने कलेक्टर अवनीश कुमार शरण व मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी शीतलहर को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शीतलहर से प्रभावित होने वाले जनसामान्य के बचाव के लिए समुचित प्रबंधन करें। अधिकारियों को रैनबसेरा, अस्थाई शरणस्थल, कंबल व्यवस्था, अलाव की व्यवस्था, आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं, आवश्यकता पड़ने पर स्कूलों का समय परिवर्तन, शीतलहर के प्रकोप एवं बचाव, प्रबंधन के लिए यूनीसेफ, रेडक्रॉस सोसायटी एवं अशासकीय संगठनों से आवश्यक सहयोग लेने के लिए कहा गया है। शीत प्रकोप से रबी फसलों के बचाव हेतु कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक समुचित व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

शीतलहर के समय क्या करें और क्या न करें

शीतलहर के समय जितना संभव हो घर के अंदर रहें। अति आवश्यक कार्य होने पर बाहर निकले। मौसम से संबंधित समाचार व आपातकाल के संबंध में जारी समाचारों को ध्यान से सुने। वृद्घ व्यक्तियों का ध्यान रखे तथा उन्हें अकेला न छोड़ें। ऐसे आवास का उपयोग करें जहां तापमान सही रहता हो, आवश्यकतानुसार गर्म पेय पीते रहें। बिजली का प्रवाह अवरूद्घ होने की स्थिति में फ्रीज में खाने के सामान को 48 घंटे से अधिक न रखे। शीतलहर से बचाव हेतु (टोपी या मफलर) का भी उपयोग किया जा सकता है अथवा सिर व कान को ढककर रखें। स्वास्थ्यवर्द्घक खाने का उपयोग करें। यदि सर्दी से संबंधित कोई प्रभाव शरीर पर दिखाई दे-जैसे नाक, कान, पैर, हाथ की उंगलियां आदि लाल हो, तो तत्काल स्थानीय चिकित्सक से परामर्श लें। असामान्य तापमान की स्थिति अत्यधिक कांपना, सुस्ती, कमजोरी, सांस लेने में परेशानी हो, तो ऐसी स्थिति में तत्काल स्थानीय चिकित्सक से परामर्श लें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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