कवर्धा (नईदुनिया न्यूज)। कोरोना काल में पंजीयन कार्यालय में बायोमेट्रिक का प्रयोग बंद करने की मांग की है। संघ ने बताया कि वर्तमान में कोरोना का तीसरा लहर आ चुकी है। पंजीयन आफिसों में अत्याधिक भीड़भाड़ होने तथा ई-पंजीयन प्रकिया की पुनरावृत्ति युक्त प्रकिया के कारण पंजीयन विभाग के अधिकारी कर्मचारी कोरोना वायरस के शिकार होते हैं। कोरोना काल में जान की परवाह नहीं करते हुए राज्य के लिए राजस्व संग्रहण में लगे पंजीयन विभाग के अधिकारी कर्मचारी को फ्रन्टलाइन वर्कर नही माना गया है।

पंजीयन विभाग में कोविड बचाव के लिए संस्थागत एवं भौतिक संसाधनों का भी भारी अभाव है। इसी कारण कारण से कोरोना के पहले व दूसरे में लगभग शत-प्रतिशत पंजीयन अधिकारी कर्मचारी कोरोना से संक्रमित हुए व तीनकर्मचारी अधिकारी अकाल रूप से दिवंगत हो गए। जो लोग कोरोना से पीड़ित हुए। उन्हें चिकित्सा सुविधाओं के लिए भी भटकना पड़ा है। वर्तमान में भारत है सरकार ने अपने कर्मचारियों के बायोमेट्रिक अटेंडेन्स को समाप्त कर दिया है, जबकि बायोमेट्रिक अटेंडेन्स का प्रयोग सीमित दायरे में दिन में एक बार होता है। बायोमेट्रिक के प्रयोग को कोविड प्रोटोकाल में निषित किया गया है। इसके बाद भी पंजीयन विभाग में न केवल बायोमेट्रिक का प्रचलन जारी है। बल्कि इसके दायरे को बढ़ा दिया गया है। पहले पंजीयन अधिकारी को बार-बार सिग्नेचर पैड का प्रयोग कराना पड़ता थाय अब थम्ब इम्प्रेशन भी देना पड़ता है। एक ही थम्ब इन्प्रेशन पैड का प्रयोग पंजीयन अधिकारी और पक्षकार बार बार करते है। इससे कोविड संक्रमण को तीव्र खतरा है। पंजीयन अधिकारी कर्मचारी संघ ने पंजीयन प्रक्रिया में बायोमेट्रिक व थम्ब इम्प्रेशन को तत्काल रोकने की मांग की है। पंजीयन अधिकारी कर्मचारी संघ ने कहा है कि अगर सप्ताहांत तक इस पर कोई निर्णय नही लिया गया, तो विरोध स्वरूप सोमवार से व्यक्तिगत मोबाईल पर ओ टी पी स्वीकार नहीं किया जाएगा, तथा प्राण रक्षा के खातिर बायोमेट्रिक का उपयोग पंजीयन पोर्टल में लागिन के लिए नही किया जाएगा। संघ ने महानिरीक्षक पंजीयन से इस मुद्दे पर संवेदनशलता और सहानुभूति दिखाने का आग्रह किया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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