कवर्धा (नईदुनिया न्यूज)। जिले के वन विभाग के डीएफओ दिलराज प्रभाकर का 46 माह बाद तबादला हो गया है। वे वनमंडल कवर्धा में 19 मार्च 2018 से 07 जनवरी 2021 तक वनमंडलाधिकारी रहे। उनका कार्यकाल सबसे लंबा रहा। वे अपने स्वभाव के कारण लोगों से घुल-मिल गए थे। विभाग का राजस्व बढ़ाने में जहां वे लगातार सक्रिय रहे, वहीं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के साथ आगे बढ़ाया। कोरोना काल में सड़क पर उतरकर लोगों की मदद की। डेढ़ लाख से अधिक मास्क, सवा लाख पैकेट क्वाथ काढ़ा और सैनिटाइजर की एक लाख शीशी का वितरण किया। कोरोना काल की उनकी सेवा को लोग याद करेंगे।

डीएफओ प्रभाकर शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृति कार्यों का भी समय पर सम्पादन कराकर उसका लाभ आम जनता उपलब्ध कराने के संबंध में भी इन्होंने प्रशंसनीय कार्य किया है। इस कारण वे आम जनता एवं जनप्रतिनिधियों में भी लोकप्रिय थे। कोरोना काल के दौरान भी इनके द्वारा शासकीय योजनाओं एवं निजि प्रयास से आम जनता को मास्क, क्वाथ काड़ एवं सैनिटाइजर वितरण किया है। इसके अलावा वनांचल क्षेत्रों में ग्रामीणों की मदद के लिए हमेशा तत्पर्य रहते थे। हाल में पंडरिया व बोड़ला ब्लॉक में हाथी के प्रवेश के दौरान कई प्रकार के नुकसान हुए। इसे लेकिन प्रभाकर ने ग्रामीणों को तत्काल मुआवजा राशि भी प्रदान कराई है।

खिलाड़ियों को बढ़ाया आगे

कबीरधाम जिले से हर साल 50 से अधिक खिलाड़ी नेशनल प्रतियोगिता में मेडल जीत कर आ रहे हैं। लेकिन संसाधन की कमी के कारण दि-त होती है। इसे देखते हुए प्रभाकर ने कई खिलाड़ियों की मदद की। उनके मार्गदर्शन वनांचल क्षेत्र के बधाों ने स्टेट प्रतियोगिता में बाजी मारी है। इसके अलावा उनके कार्यकाल के दौरान विभागीय खिलाड़ी भी जिले का नाम रोशन किया है। प्रभाकर खेल को प्रोत्साहन कराने के लिए हमेशा सामने आए हैं।

शिकार व अवैध तस्करी पर त्वरित कार्रवाई

कबीरधाम जिले का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा वनांचल में आता है। जिले में कई बार जंगली-जानवरों का शिकार व वन संपदा को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। ऐसे मामलों को लेकर प्रभाकर ने हमेशा से कड़ाई बरती। हाल में पिपरिया थाना क्षेत्र में बंदरों के शिकार में मामले में त्वरित कार्रवाई की। करंट से जानवरों को मारे जाने की घटना के बाद आरोपित जल्द से जल्द पकड़े गए।

सबसे अधिक मिला राजस्व

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उनके कार्यकाल के दौरान वन विभाग को सबसे अधिक करीब 31 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। इसके अलावा 625 क्विंटल शहद का संग्रहण किया गया। खास बात है कि कबीरधाम जिले के इतिहास में अब तक के सबसे लंबे डीएफओ का कार्यकाल पूरा किया है। वर्तमान में दिलराज को खैरागढ़ वन मंडल में डीएफओ की जिम्मेदारी दी गई है। प्रभाकर ने 14 कर्मचारियों को अनुकंपा नियुक्ति दिलाई व 52 कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों का तत्काल निराकरण कराया। लगभग 400 कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका की जांच संचालक कार्यालय से कराकर समयमान वेतन भत्ते इत्यादि का भुगतान कराया। वहीं 135,971 मानक बोरा तेंदूपत्ता, 13893 क्विंटल लघु वनोपज का संग्रहण किया गया, जिससे लोगों को रोजगार मिला।

Posted By: Nai Dunia News Network

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