कवर्धा (नईदुनिया न्यूज)। जिले के मार्च में सभी स्कूलों में विशेष शिविर लगाकर बच्चों से आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए शिक्षकों के माध्यम से आवेदन लिए गए थे, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार कुल 91 स्कूलों के लगभग चार हजार बच्चों से आवेदन लिए गए थे। मार्च में ही कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू हो गई थी। अब तक बच्चों के आवेदन तहसील कार्यालय में पड़े हुए हैं। बच्चों के स्वजन परिजन अभी भी स्कूलों जाकर जानकारी ले रहे हैं। जिला प्रशासन ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया था कि परिवार के कोई भी एक सदस्य का जाति प्रमाण बनता है तो परिवार के सभी सदस्यों की जाति एक ही है। इसको ध्यान में रखते हुए बाकी सदस्यों का जाति प्रमण पत्र प्राथमिकता से बनाया जाए।

जिला प्रशासन की इस पहल का लाभ होते न देख कई पालक खुद तहसील कार्यालयों में आवेदन कर अपने बच्चों को प्रमाण पत्र बनवा चुके हैं। अभी तक एससी, एसटी व पिछड़ा वर्ग के जाति प्रमाण पत्र सक्षम प्राधिकारियों द्वारा बनाए जाते हैं। इसके लिए उसकी सामाजिक प्रस्थिति के प्रमाणीकरण को आधार बनाया जाता है।

शिशु के जन्मप्रमाण पत्र के साथ जाति प्रमाण-पत्र बनाने की योजना का भी बुरा हाल

छत्तीसगढ़ शासन ने जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आने वाली अनेक कठिनाइयों से छुटकारा देने व जनता को अधिक से अधिक लाभ देने के उद्देश्यों से शिशु के जन्मप्रमाण पत्र के साथ ही जाति प्रमाण पत्र की प्रक्रिया भी पूर्ण करने के निर्देश दिए। कवर्धा में शुरूआती दिनों में इस निर्देश का पालन हुआ। इसके बाद अब कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसका बुरा हाल है।

आनलाइन छात्रवृत्ति पोर्टल पर डिजिटल माध्यम से सत्यापन जरूरी

इधर भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, नई दिल्ली की नवीन गाइड लाइन के अनुसार छात्रवृत्ति की पात्रता रखने वाले विद्यार्थियों के समस्त प्रमाण पत्रों का आनलाइन छात्रवृत्ति पोर्टल पर डिजिटल माध्यम से सत्यापन किया जाना है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए बड़ी समस्या हो रही।

आनलाइन अपडेट कराना जरुरी

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति पोर्टल प्रारंभ होने से पूर्व, लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र एवं निवास प्रमाण पत्र आनलाइन प्राप्त करना होगा साथ ही जिन विद्यार्थियों का पूर्व में आफलाइन जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र तैयार है वे आनलाइन अपडेट कराना सुनिश्चित करेंगे।

आठ सौ प्रमाणपत्र बनाए गए

कवधा तहसीलदार मनीष वर्मा ने कहा- शिविर के माध्यम से कवर्धा ब्लाक में आए आवेदनों में से करीब 800 प्रमाण-पत्र बनाए गए हैं। कोविड के कारण प्रक्रिया में देरी हुई।

त्वरित निराकरण करना चाहिए

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रमेश चंद्रवंशी ने कहा- प्रशासन को स्कूलों के माध्यम से जमा किए गए जाति व निवास प्रमाण-पत्र संबंधी आवेदनों का त्वरित निराकरण करना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को उसका लाभ समय पर मिल सके।

Posted By: Nai Dunia News Network

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