कवर्धा। शहर के कोतवाली थाना में एक अजब-गजब मामला सामने आया है। अपने ही बेटी के ट्रक को फर्जी तरीके से पिता ने बेच दिया है। बेटी ने कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट के आदेश के बाद पिता समेत दो अन्य के खिलाफ कोतवाली थाना में मामला दर्ज किया गया है। दूसरी ओर आरटीओ (जिला परिवहन विभाग) भी सवाल के घेरे में है, क्योंकि शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि बिना जांच के ही नाम ट्रांसफर किया गया है।

कोतवाली थाना से मिली जानकारी अनुसार नवनीत कौर सलुजा पिता त्रिलोचन सिंह सलुजा (36), पुराना नगर पालिका के पीछे, बहादुर गंज वार्ड कवर्धा पीड़िता है। बताया जा रहा है कि पीड़िता के नाम पर एक ट्रक पंजीयन क्रमांक सीजी 09 जेसी 2491 (कीमत करीब 20 लाख रुपए) है। उक्त वाहन को संचालित करने पीड़िता ने अपने पिता त्रिलोचन सिंह को दी थी। लेकिन इस ट्रक को फर्जी तरीके से ग्राम पोंड़ी निवासी नियाजुद्दीन पिता मोहिमुतद्वीन के पास बेच दिया गया। इस मामले को लेकर पुलिस ने त्रिलोचन सलूजा, अरविंन्दर छाबड़ा व ग्राम पोंड़ी के नियाजुद्दीन के खिलाफ जुर्म दर्ज कर विवेचना मे लिया गया।

आरटीओ कार्यालय से पता चला कि वाहन बेचा जा चुका है

दर्ज एफआइआर में बताया गया है कि त्रिलोचन सिंह अपने बेटी से बात करना भी बंद कर दिये थे। तब आवेदिका ने परिवहन विभाग कवर्धा में अपने उक्त वाहन के दस्तावेजों के संबंध में आवेदन लगाई , जिसके बाद दस्तावेज प्राप्त हुये। तब पता चला कि उसके बगैर जानकारी तथा हस्ताक्षर लिए उक्त ट्रक को आरोपित ग्राम पोंड़ी निवासी नियाजुद्दीन के नाम पर अंतरण करा दिये हैं। इतना ही नहीं कागज में आवेदिका के हस्ताक्षर की जगह पर आवेदिका का हस्ताक्षर स्वयं कर लिया गया। इस पूरे अंतरण दस्तावेजों पर आवेदिका ने हस्ताक्षर नहीं किया है, इस प्रकार आरोपितों ने आपस में षड़यंत्र कर कुटरचित दस्तावेज से उक्त वाहन को अंतरण कर दिया।

पीड़िता ने हस्तलिपि विशेषज्ञ से जांच कराई

इस मामले में दस्तावेज से छेड़खानी की गई है। क्योंकि पूरे दस्तावेज में पीड़िता ने कोई हस्ताक्षर भी नहीं किया। तब पीड़िता ने उक्त अंतरण के दस्तावेजों के हस्ताक्षर को हस्तलिपि विशेषज्ञ से जांच कराई तो हस्तलिपि विशेषज्ञ ने भी बताया है कि दस्तावेजों पर जो हस्ताक्षर हैं, वह आवेदिका के हस्ताक्षर नहीं है।

एसपी से शिकायत बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

इस मामले में एक और सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि पीड़िता ने पूर्व में थाना कवर्धा के पास शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद भी कोई अपराध दर्ज नहीं किया गया। तब फिर से 16 अक्टूबर 2021 को जिले के एसपी के पास लिखित में शिकायत की। फिर भी पुलिस ने कोई अपराध दर्ज नहीं किया है। इसके बाद कोर्ट में याचिका लगाई गई। कोर्ट के आदेश बाद अब जाकर एफआइआर दर्ज की गई है।

एक और ट्रक को बेचा गया

इसी प्रकार दूसरे मामले में पीड़िता के ट्रक को फर्जी तरीके से बेचा गया है। इसमें ट्रक क्रमांक सीजी 09 जेसी 1991 को ग्राम पोंड़ीटोला, पुलिस चौकी पोंड़ी निवासी सलमान मोमीन के पास फर्जी तरीके से बेचा गया है। इस मामले में भी पुलिस ने एफआइआर दर्ज किया है। वर्तमान में पुलिस ने तो कोर्ट के आदेश पर एफआइआर दर्ज कर दिया है। लेकिन अभी तक किसी भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

आरटीओ के कामकाज पर उठ रहे सवाल

इधर दो-दो ट्रक को फर्जी तरीके से बेचे जाने से जिला परिवहन विभाग के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि नाम ट्रांसफर करने का काम विभाग का है। तब विभाग ने ट्रक बेचे जाने के दौरान, जिसके नाम पर ट्रक है, दर्ज एफआइआर के मुताबिक उसे पूछा भी नहीं है। इसके अलावा उसकी जानकारी के बगैर ही वाहन का नाम ट्रांसफर कर दिया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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