दशरंगपुर (नईदुनिया न्यूज)। ग्राम दशरंगपुर में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव का आरंभ हुआ। भगवान सूर्य की सलाह पर गोकर्ण ने पहली श्रीमद भागवत कथा सुनाई। यहीं से श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। उक्त बातें दशरंगपुर में आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव के पहले दिन गोकर्ण कथा में चित्रकूट धाम से पधारे महाराज आचार्य पं.श्री अशोक बाजपेयी ने अपने बताई।

आचार्य ने कहा कि भगवान सूर्य की सलाह पर धुंधुकारी को प्रेत योनि से मुक्त करने के लिए सप्ताह-कथा प्रारम्भ की। श्रीमद्भागवतकथा का समाचार सुनकर आस-पास के गांवों के लोग भी कथा सुनने के लिए एकत्र हो गए। जब व्यास के आसन पर बैठकर गोकर्ण ने कथा कहनी प्रारम्भ की, तब धुन्धुकारी भी प्रेतरूप में सात गांठों के एक बांस के छिद्र में बैठकर कथा सुनने लगा। सात दिनों की कथा में क्रमशः उस बांस की सातों गाठें फट गईं और धुन्धुकारी प्रेत योनि से मुक्त होकर भगवान के धाम को चला गया। श्रावण के महीने में गोकर्ण ने एक बार फिर उसी प्रकार श्रीमद्भागवत की कथा कही और उसके प्रभाव से कथा-समाप्ति के दिन वे अपने श्रोताओं के सहित भगवान विष्णु के परमधाम को पधारे। केशरी परिवार के मुखिया एवं यजमान विष्णु केशरी-श्रीमती पुष्पलता केशरी द्वारा सभी भक्तजन से, श्रोताओं से कथा का रसपान के लिए आने का आग्रह किया है। कथा का समय दोपहर दो बजे से है। आयोजन में न केवल गांव के बल्कि आसपास के गांवों से भी लोग आ रहे हैं। आयोजन स्थल पर प्रसादी की भी व्यवस्था आयोजक द्वारा की गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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