कवर्धा (नईदुनिया न्यूज)। जिले में कोरोना के रफ्तार बढ़ने शुरू हो गए है। लगातार कोरोना संक्रमण के आंकड़े भी बढ़ रहे हैं। अब 111 के पास एक्टिव संक्रमित मरीज का आंकड़ा पहुंच गया है। दूसरी ओर सबसे बड़ी राहत है कि जैसे संक्रमित मिले रहे, वैसे रिकवर भी हो रहे हैं। गुरुवार को 10 लोगों ने कोरोना से जंग जीत लिया है। इस बार पहले के मुकाबले कोरोना संक्रमित जल्द स्वस्थ हो जा रहे हैं। जहां पिछली बार लगभग 15 फीसद कोरोना संक्रमित को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, लेकिन इस बार अधिकांश मरीज घर पर ही रह कर चार से पांच दिन में ठीक हो जा रहे हैं। भले ही यह खबर राहत देने वाली है लेकिन हमें सावधानी बरतने की जरूरत है। पिछले बार जब कोरोना का कहर तेज था तो तमाम कोरोना संक्रमितों को आक्सीजन की जरूरत पड़ी थी। दूसरी ओर कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने कोविड-19 कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण की दृष्टि से प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाले साप्ताहिक जनदर्शन को स्थगित कर दिया है। जनदर्शन शुरू होने की सूचना आमजनों अलग से दी जाएगी।

जिले में संक्रमण की रफ्तार अब धीरे-धीरे बढनें लगी है। अब जिले में एक्टिव संक्रमित की संख्या 111 पहुंच गई है। गुरुवार को जारी मेडिकल बुलेटिन में 30 नए कोरोना मरीज मिले है। जिनमें कवर्धा शहर के कैलाश नगर वार्ड नंबर 03 से 1, महामाया वार्ड नंबर 06 से 4, शंकर नगर वार्ड नंबर 08 से 2, सतबहिनिया वार्ड नंबर 09 से 4, बहादुरगंज वार्ड नंबर 21 से 2, मां काली वार्ड नंबर 24 से 1, जोराताल से 1, बोडला ब्लॉक से 2, स.लोहारा से 4, पंडरिया से 3, कवर्धा ग्रामीण से 6 मरीज मिले है। वहीं 10 मरीज स्वस्थ्य होकर घर लौटे है। जिला प्रशासन द्वारा अभी भी लोगों को कोरोना रोकथाम के नियम का पालन करने अपील की जा रही है। लेकिन लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। फिलहाल जिला प्रशासन अलर्ट पर है। अब प्रतिदिन 2000 से अधिक सैंपल ले रहे हैं।

घर पर ही टीक हो रहे मरीज

स्वास्थ्य विभाग के लिए राहत की बात यह है कि अब कोरोना संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ रही है। क्योंकि अब वह घरों पर ही रहकर सही हो जा रहे हैं। जहां पिछले बार 15 फीसद कोरोना संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा था और अब एक फीसद मरीज ही अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। पहले के मुकाबले मरीज जल्द सही हो रहे हैं। यह राहत की खबर है, लेकिन लोगों को लापरवाही से बचना होगा। तभी हम कोरोना को हरा सकते हैं। वर्तमान में केवल 16 मरीज का डीसीएच में इलाज चल रहा है।

होम आइसोलेशन से डिस्चार्ज के संबंध में नए दिशा-निर्देश

राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेशन में इलाज ले रहे कोरोना संक्रमितों के डिस्चार्ज के संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक नीरज बंसोड़ ने इस बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को परिपत्र जारी किया है। संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं ने सभी सीएमएचओ को भेजे परिपत्र में कहा है कि कोविड-19 के लक्षण वाले या बिना लक्षण वाले ऐसे मरीज जिनका इलाज एवं स्वास्थ्य की मानिटरिंग होम आइसोलेशन में की जा रही है। पॉजिटिव पाए जाने की तिथि से कम से कम सात दिनों में, यदि उन्हें अंतिम तीन दिनों (पांचवें, छठवें और सातवें दिन) में बुखार नहीं हो, तो होम आइसोलेशन से छुट्टी दी जा सकती है। डिस्चार्ज के पहले कोरोना जांच की जरूरत नहीं है।

स्वाथ्य टीम ने लगवाया कोविड का प्रिकाशन डोज

स्वास्थ्य विभाग की एन एच एम शाखा के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने गुरुवार को कोविड वैक्सीन का बूस्टर डोज लगवाया। इस अवसर पर डीपीएम सृष्टि शर्मा के नेतृत्व में टीम ने एक ड्रेस कोड अपनाकर लोगों को कोविड वैक्सीनेशन के लिए संदेश भी दिया। टीम भारत माता चैक पहुचकर लोगों को कोविड के लिए जागरूक करते हुए मास्क और कोविड टीके की अनिवार्यता समझाते नजर आई। गुरुवार को डीपीएम सृष्टि शर्मा समेत डीटीसी प्रदीप रॉय, डीडीएम राजा डे, हॉस्पिटल कन्सल्टेंट रीना सलूजा, जिला शिशु स्वास्थ्य सलाहकार अनुपम शर्मा, डैम अम्बिका कण्डरा, जिला मीडिया प्रभारी तूलिका शर्मा समेत सभी स्टाफ ने कोविड वैक्सीन का बुस्टर डोज लगवाया। उल्लेखनीय है कि अब तक जिले में 2649 लोगों ने कोविड का बूस्टर डोज (प्रिकॉशन डोज) लगवा लिया है।

बीते कोरोना काल में संक्रमण ने दिखाया था तांडव

बीते साल मार्च माह के बाद कोरोना संक्रमण ने अपना तांडव दिखाया था। स्थिति ऐसी थी कि दूसरे लहर में जिले में करीब 200 मौते कोरोना के कारण हुई थी। तब इसीयू में भी मरीजों को भर्ती कराया गया था। कोरोना के चलते लोगों में खलबली मची हुई थी। उस समय ऐसा लग रहा था कि हर किसी को गंभीर खतरा है, लेकिन लोगों ने सावधानी बरतनी शुरू की तो कोरोना का प्रकोप कम हो गया, लेकिन जैसे ही कोरोना का प्रकोप कम हुआ तो लोगों ने फिर से लापरवाही बरतनी शुरू कर दी। इसी के चलते एक बार फिर कोरोना तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इस बार कोरोना के बीच राहत की बात यह है कि लोग पहले के मुकाबले सही जल्द हो रहे हैं। पहले जब कोई कोरोना संक्रमित हो जाता था तो उसे 10 से 15 दिनों तक उपचार लेना पड़ रहा था, लेकिन इस बार चार से पांच दिन में ही मरीज सही हो जा रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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