कवर्धा । 11 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व है। इसके अलावा 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस है। इन दोनों पर्व को लेकर बाजार में तेजी आई है। दूसरी ओर इस साल भी राखियों पर मंहगाई का असर है। बीते साल की तुलाना में 20 प्रतिशत मूल्य बढ़ गया है। दूसरी ओर ग्रामीण अंचल के बाजार में भी रौनक दिखाई दे रहीं है। भाई-बहन के पवित्र बंधन का पर्व रक्षाबंधन ज्यों-ज्यों नजदीक आता जा रहा है, त्यों-त्यों बाजार में रौनक बढ़ती जा रही है। शहर ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी राखी की अस्थाई दुकानें सज गई हैं।

11 अगस्त को भाई- बहन का पवित्र त्योहार रक्षा बंधन मनाया जाएगा। अंचल में रक्षाबंधन के लिए बाजारों में राखी की बिक्री शुरू हो गई है। रंग बिरंगी राखियों से बाजार सजने लगे हैं। शनिवार को कवर्धा शहर के नवीन बाजार में महिलाओं ने राखियों की खरीदारी की। मिठाई की बिक्री के लिए भी दुकानें सजने लगी है। शहर में मेन रोड से लेकर मुख्य बाजार में ठेलों, फुटपाथ व दुकानों पर बिक्री के लिए विभिन्ना प्रकार की राखियां सजी हुई है। इन दुकानों में पांच रुपये से लेकर दौ सौ रुपये और कहीं कहीं पर इससे भी ज्यादा मूल्य की राखियां उपलब्ध है। वहीं आभूषण विक्रेताओं के यहां पर भी नई-नई डिजाइन में चांदी की आकर्षक राखियां उपलब्ध हैं। दुकानों पर बधाों के रेडीमेड कपड़ों के लिए भी लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इसी तरह मेहंदी और सौंदर्य प्रसाधन की सामग्री की दुकानों पर भी महिलाएं और युवतियां खरीददारी करने में लगी हुई है।

डाक से भी भेजी जा रहीं राखियां: शहर में नारियल सहित अन्य खाद्य-पदार्थ की खरीदारी के लिए परचून की दुकानों पर लोग आ रहे हैं। घर परविार का खर्च चलाने के लिए आस पड़ोस के शहरों के लोग भी शहर में आकर गली मोहल्लों में फेरी के माध्यम से घर-घर पर विभिन्ना प्रकार की आकर्षक डोरे व अन्य डिजाइनों की राखियां बेच रहे हैं। रक्षाबंधन नजदीक आने के साथ ही छात्राएं व महिलाओं ने राखियां खरीदने में तेजी दिखाई है। हालांकि शहर के अधिकांश हिस्सों में राखियों की अस्थाई दुकानें दस दिन पहले ही सज गई थी। इन दुकानों में ज्यादातर राखियों की खरीदारी उन्हीं महिलाओं के द्वारा की गई जो अपने दूर बैठे भाइयों को डाक द्वारा भेजी जानी थी। इसके चलते ग्राहकी में भी विशेष तेजी नहीं थी। लेकिन पिछले तीन-चार दिनों से राखियों की बिक्री में तेजी आई है। बाजार में राखियों की दुकानें सजी हैं जहां हर वर्ग के लिए राखियों की वैरायटी उपलब्ध है, जो लोगों को लुभा रही है।

नहीं दिख रही चाइना की राखियां: भाइयों की कलाई पर इस वर्ष भी चाइनीज राखी नहीं बंधेगी। बाजार से चाइना की राखी नदारद हैं। इस बार बाजार में बड़ी संख्या में हैंड मेड राखी उपलब्ध हैं। जिन्हें स्थानीय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा बनाया गया है। इसी प्रकार पिछले कुछ वर्षों से राखी पर बहनों को कपड़ा देने का चलन काफी बढ़ा है। ऐसे में सभी कपड़ा बाजारों में बड़ी तेजी देखने को मिली है। राखी से लेकर तीज त्योहार तक के लिए लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। गर्ल्स क्लेक्शन में इस वर्ष जींस टाप, प्लाजो, जैगिंस- टीशर्ट, डिजाइनर वन पीस आदि को पसंद किया जा रहा है। वहीं विमेन के साड़ी क्लेक्शन में सिल्क सदाबहार है। इसके अलावा शिफॉन पर लाइट वर्क, जॉर्जेट में प्रिंट के साथ बॉडर पर रेशम के काम को पसंद किया जा रहा है। इस बार कांजीवरम की भी मांग है।

रक्षाबंधन पर्व पर फलों की डिमांड भी ज्यादाः भाई बहन के प्यार और रिश्तों को मजबूती देने वाला त्योहार रक्षाबंधन दो साल बाद धूमधाम से मनाया जाएगा। कोविड काल के बाद इस बार रक्षाबंधन की तैयारियां भी जोरों से हो रही है। कोई भी त्यौहार बिना मिठाई के पूरा नहीं होता। रक्षा बंधन पर बहने भी भाइयों का मुंह मीठा कराने में कोई कसर नहीं छोड़ती। सेहत को ध्यान में रखते हुए बेक्ड और शुगर-फ्री मिठाइयां बाजार में ज्यादा बिक रही हैं। इसके साथ ड्राइ-फ्रूटस और मेवे की मिठाई के गिफ्ट पैक्स भी काफी पसंद किए जा रहे हैं। जिसमें चाकलेट्स, जूस, टॉफी, फल आदि हैं। इनकी कीमत 100 रुपये से लेकर हजारों में है। इसके अलावा पर्व को लेकर फलों की भी डिमांड अच्छी खासी है। 11 अगस्त को होने वाले इस पर्व पर अभी भी ही फल दुकानों में भीड़ दिखाई दे रहीं है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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