पांडातराई। नईदुनिया न्यूज

विकासखंड बोडला के ग्राम पंचायत मुडघूसरी जंगल गांव में मिडिल स्कूल में बच्चों के पढ़ाई के लिए नियमित क्लास लगाने की कोई गारंटी नहीं। शासन द्वारा कई वर्षों से स्थापना के बाद ही स्कूल में स्टाफ के नाम पर तीन शिक्षक पदस्थ है।

यहां की स्कूल में तीन में से एक शिक्षक स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बजाए विद्यालय समय में भी अपने घरेलू कार्य में व्यस्त रहते हैं। शिक्षक की मनमानी कार्य प्रणाली से स्कूल में अध्ययनरत बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। नौनिहालों के भविष्य को लेकर आशंकित ग्राम मुडघूसरी जंगल के अभिभावकों ने शिक्षक की मनमानी को लेकर त्रस्त है। ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षक विभाग द्वारा निर्धारित टाइम टेबल के बजाए प्राथमिक स्कूल की शिक्षा की मन मर्जी से खुलता और बंद होता है। स्कूल समय में भी शिक्षक कभी ट्रैक्टर लेकर खेती बाड़ी तो कभी घरेलू काम काज में परिजन का हाथ बाटते दिखाई देते हैं।

ग्रामीण का कहना है कि शिक्षक कभी स्कूल में उपस्थित रहते हैं तो बच्चों को बैठाकर पाठ पढ़ाने की नसीहत देकर खुद क्लास में ही मोबाइल गेम पर ध्यान रहते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि शिक्षक पढाने के बजाए गांव में सूई दवा इलाज भी करते हैं। ऐसे में शिक्षक की मनमानी पर अंकुश लगाने और विद्यालय की व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की है पर विभाग द्वारा आज तक ध्यान नहीं देने के कारण बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

उक्त शिक्षक के संबंध में को जानकारी नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर इस मामले में जांच कर आगे कार्रवाई करेंगे।

एसएल पन्द्रो, शिक्षा अधिकारी बोडला

Posted By: Nai Dunia News Network