कवर्धा (नईदुनिया न्यूज)। बुधवार रात करीब 12 बजे सड़क हादसे में सहसपुर लोहारा में पदस्थ सहा. पशु चिकित्सा क्षेत्रधिकारी की मौत हुई है। साथ ही उनकी पत्नी व बधो घायल है। मिली जानकारी अनुसार कवर्धा शहर के बाहर राजनांदगांव रोड़ की ओर गुरुकुल स्कूल के पास यह घटना हुई है। रात्रि 12 बजे लोहारा में पदस्थ सहा.पशु चिकित्सा क्षेत्रधिकारी हेमलाल पनागर की कार अनियंत्रित होकर पुल से टकरा कर पलट गई। हादसे में उनकी मौके पर मौत हो गई। कार में सवार उनकी पत्नी और दो साल की छोटी बधाी गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायलों को रात के समय ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सहा.पशु चिकित्सा क्षेत्रधिकारी हेमलाल पनागर अपनी पत्नी और बधाी के साथ ब्रेज्जा कार से निजी कार्यों के चलते रायपुर गए हुए थे, वही वापस लौटने के दौरान यह सड़क हादसा हो गया। संभावना बताई जा रही है कि सामने मवेशी खड़े थे, अचानक सड़क में आए। इस मवेशी को बचाने के च-र में यह हादसा हुआ है। कबीरधाम जिले के सड़कों में मवेशी बैठे रहने से कई दुर्घटनाएं हो रहीं है। इस साल मवेशी से टकराने से 4 व अब तक 11 घायल हो चुके है।

घंटो मशक्कत बाद कार से निकाला गया

घटना रात के समय की थी। ऐसे में मौके पर तुरंत पुलिस की टीम व डायल 112 व 108 पहुंची हुई थी। सड़क हादसे के बाद सहा.पशु चिकित्सा क्षेत्रधिकारी और उसकी पत्नी को घंटो की काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया था, जिसके बाद पशु चिकित्सक उसकी पत्नी और बधाी की जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, जहा डाक्टरों की टीम ने सहा.पशु चिकित्सा क्षेत्रधिकारी को मृत घोषित कर दिया। जबकि उसकी पत्नी और बधो घायल हालात में जिला अस्पताल में भर्ती है और उनका इलाज चल रहा है। गुरुवार को पुलिस ने मामले को लेकर मर्ग कायम कर लिया है। इस मामले में विवेचना जारी रहीं है।

जहां हादसा हुआ, वहां हमेशा दुर्घटना होते रहता है

जिस जगह पर यह हादसा हुआ है, वहां हमेशा कोई न कोई दुर्घटना होता है। लेकिन इसे रोकने के लिए कोई खास पहल नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा बारिश के मौसम में भी मवेशी सड़क किनारे व सड़क के ऊपर ही बैठे होते है। यही प्रमुख कारण है कि, जिससे हादसे बढ़ रहे है। कवर्धा से राजनांदगांव रोड़ की जाने पर गुरूकुल स्कूल, महराजपुर से सीधे लोहारा तक मवेशियों का कई सड़कों पर जमावड़ा लगा होता है। इस कारण दुर्घटनाएं भी हो रहीं है।

गोठान में भेजने की अपील काम नहीं आई

शासन द्वारा फसलों की मवेशियों से सुरक्षा से उद्देश्य से रोका-छेका अभियान चालू किया गया है। खरीफ फसल के दौरान अपने मवेशियों को बाड़े और गौठन में रखेंगे। इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कवर्धा ने बताया कि प्राय: यह देखा गया है कि ग्राम पंचायत तथा आश्रित ग्रामों और शहरों के पशुपालकों द्वारा अपने घर में न रखकर खुले में छोड़ दिया जाता है जिससे खुले में रह रहे पशुओं का जमावड़ा सड़क पर बना रहता है।

तीन दिन पहले ही दुघर्टना जन्य क्षेत्र का किया निरीक्षण

बीते 6 सितंबर को कलेक्टर जनमेजय महोबे के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग, यातायात विभाग (पुलिस), परिवहन विभाग, पीएमजीएसवाय और नेशनल हाईवे की संयुक्त टीम ने ब्लैक स्पाट और ग्रे स्पाट का निरीक्षण किया था। संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण कर एक सप्ताह में रिपोर्ट तैयार कर पुन: बैठक में कम्प्लांस रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत किया जाएगा। ब्लैक स्पाट की पहचान, सुधार कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा नियत प्रोटोकाल दुर्घटनाओं के कारण, स्कूल बस की जांच की समीक्षा कर उपचारात्मक कार्यवाही करने निर्देश दिए है

कबीरधाम जिले के चिन्हांकित ब्लैक और ग्रे स्पाट

कबीरधाम जिले में दुल्लापुर से रानीसागर तक, पालीगुड़ा तिराहा, और गंडई चैक से फोंक नदी पुल के आगे तक को ब्लैक स्पॉट के रुप मे चिन्हित किया गया है।

इसी तरह मिनीमाता चैक से भोरमदेव तिराहा तक, जोराताल मंडी के पहले से जोराताल तिराहा तक, रामकृष्ण पब्लिक स्कूल के सामने से सिंघनपुरी पेट्रोल पंप तक, सांईमंदिर से राजनांदगांव तिराहा तक, धनगांव चैक और पनेका चैक को ग्रे स्पाट के रुप मे चिन्हित किया गया है।

Posted By: Pramod Sahu

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close