बोड़ला (नईदुनिया न्यूज )। विकासखंड के सुदूर वनांचल केतरेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम दलदली में बाड़ी में भुट्टा तोड़ने गई एक दो वर्ष की बच्‍चों को मधुमक्ख्ाी (तुमेर) कीट के काटने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के विषय में जानकारी देते हुए तरेगांव थाना के प्रभारी युवराज साहू ने बताया कि मृतक बच्‍चों लोकेश्वरी यादव (दो वर्ष ) सहित अन्य बधो व अन्य लोग घर के पास स्थित बाड़ी में भुट्टा तोड़ने गए थे।

उसी दरमियान जंगल में पाए जाने वाला जहरीला मधुमक्खी जिसे तुमेर कहा जाता है। सभी पर हमला कर दिया। जिससे बच्‍चों सहित अन्य घायल हो गए। वहीं बच्‍चों की चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर स्वजन बाडी में गए। उसी दौरान बधाों सहित अन्य सात लोगों को इलाज के लिए दलदली के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया।

अचानक बिगड़ गई थी तबियत

मधुमक्की ने बच्ची को कई जगहों पर काट लिया था। वही इलाज के उपरांत परिजनों व बधाों की स्थिति में सुधार के बाद उन्हें छुट्टी दे दिया गया। फिर दूसरे दिन रात में बालिका लोकेश्वरी यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई । स्वजन दलदली अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही बधो की मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डाक्टर ने उसकी मौत की पुष्टि की। सवेरे बच्‍चों के शव का पोस्टमार्टम कर कफन दफन हेतु शव परिजनों को सौंप दिया गया।

जंगलों में पाया जाता है तुमेर

तुमेर मधुमक्खी प्रजाति का एक जहरीला कीड़ा होता है। जो अक्सर जंगल में पाया जाता है। इस विषय में और अधिक जानकारी देते हुए बैगा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पुसूराम मेरावी ने बताया कि तुमेर की दो प्रजातियां होती हैं। एक प्रजाति जो कि जमीन के अंदर पाया जाता है और इसका साइज बड़ा होता है। दूसरे प्रजाति का तुमेर पेड़ों के ऊपर रहता है और यह मधुमक्खी के सादृश्य दिखता है और खतरनाक होता है।


जहर का असर 24 घंटा होता है

इसके जहर का असर 24 घंटा होता है इसके काटने से जिस स्थान पर वह चिपकता है। उस स्थान का मांस बाहर निकल आता है 24 घंटे सूजन रहता है और यह अक्सर बरसात के दिनों में लोगों को नुकसान पहुंचाता है यह बहुत ही खतरनाक वह जहरीला कीट है, अक्सर वनांचल क्षेत्रों में बरसात के दिनों में वनउत्पाद के लिए जंगलों में गए लोगों का इसका सामना होते रहता है।

Posted By: Pramod Sahu

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