कवर्धा (नईदुनिया न्यूज)। कुकदूर थाना क्षेत्र अंर्तगत जंगल में सागौन लकडी काटते समय ग्रामीण पर कार्रवाई न करते हुए 50 हजार रुपये की वन विभाग के अफसरों ने रिश्वत मांगी थी। लेकिन पीड़ित राशि नहीं दे पाया। इसके बाद अफसरों ने उसे प्रताडित किया। इस प्रताड़ना से बैगा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली । वहीं सोमवार को अब इस मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर वन विभाग के दो डिप्टी रेंजर को गिरफ्तार कर जेल, भेजा दिया गया है।

पुलिस विभाग से मिली जानकारी अनुसार थाना कुकदुर के मर्ग क्रमांक 39/2022 धारा 174 जाफौ की जांच पर वन विकास निगम कवर्धा परियोजना मंडल के अधिकारी डिप्टरी रेंजर प्रवीण सिंह परिहार (42) और डिप्टी रेंजर अनिल कुर्रे निवासी बैराग पारा पंडरिया के द्वारा मृतक बुधराम बैगा को कमराखोल जंगल में सागौन लकडी काटते समय पकड़े जाने पर कार्यवाही की गई। 10 सितंबर मृतक मुनमुना खार जंगल में कर्रा पेड़ के डगाल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। इस मामले में पुलिस की जांच जारी थी। मामले को लेकर थाना कुकदूर में धारा 306, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

सांसद संतोष ने मुआवजा राशि देने की मांग

इस पूरे मामले को लेकर सांसद संतोष पाड़ेय ने मृतक के परिजनों को 1.50 करोड़ रुपये की देनी की मांग किया है। उन्होंने कहा कि वनांचल में अभी भी वनमाफिया का राज है। स्थिति ऐसी है कि वन विभाग के अफसरों द्वारा भोले-भाले आदिवासियों से रुपए की मांग किया जा रहा है। रुपये नहीं दिए जाने पर कार्रवाई की जाती है। कुल मिलाकर वनांचन में प्रशासन व शासन की पकड़ कमजोर हो रहीं है।

एक दिन पहले सांसद ने मुलाकात की थी

उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए एक दिन पहले ही यानि रविवार को राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय ने पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ वनांचल ग्राम कमराखोल में मृतक बुधराम बैगा के निवास पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों से घटना की पूरी जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि वन विकास निगम के कर्मचारियों ने सागौन पेड़ काटने पर कड़ी कार्रवाई होने व जेल भेजने का डर दिखाकर इससे बचने के लिए बुधराम से पचास हजार रुपए घूस मांगा। जिससे वह परेशान था। यही वजह है कि उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने इस मामले में अब तक कार्रवाई नही की है।

सांसद की एंट्री के बाद हुई कार्रवाई

इस मामले को लेकर पुलिस व प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रहीं थी। ऐसे में रविवार को सांसद पांडेय ने मामले को उठाया था। सांसद पांडेय ने बुधराम के परिजनों व ग्रामीणों के सामने एसपी से फोन पर बात की और उक्त मामले में निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ शीघ्र कड़ी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने घटना के पंद्रह दिन बीत जाने के बाद भी उक्त मामले में कार्रवाई नही किए जाने को लेकर नाराजगी व्यक्त की। सांसद की एंट्री होने के बाद आखिरकार सोमवार को एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई। सांसद पांडेय ने कहा कि घटना के पंद्रह दिन बीत जाने के बाद मामले में पुलिस द्वारा एफआईआर भी दर्ज नही जा रहा था। इससे कई सवाल खड़े हो रहे थे।

Posted By: Pramod Sahu

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