कवर्धा(नईदुनिया न्यूज)। आज जहां मंदिरों में विशेष हवन-पूजन होगा, वहीं अर्धरात्रि को मां चंडी और परमेश्वरी मंदिर से खप्पर निकलेगा। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा केतहत मंगलवार देर रात दो देवी मंदिर से खप्पर निकलेगा। खप्पर निकलने के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो इसके लिए पुलिस ने चाक-चौबंध व्यवस्था की है। शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों में पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। वहीं खप्पर के आगे और पीछे भी पुलिस जवान साथ होंगे। आज मंदिरों में सुबह हवन पूजन का कार्यक्रम होगा, जिसकी सारी तैयारियां मंदिर के समितियों द्वारा कर ली गई है।

नवरात्रि में इन दिनों देशभर में त्योहार का माहौल है। देवी का आह्वान कर खप्पर निकालने की धार्मिक परंपरा कई सदी पुरानी है। वहीं, यह परंपरा आज भी कबीरधाम जिले में कामय है। यहां के लोग पूरी आस्था के साथ अर्धरात्रि को माता के रूप का दर्शन करते हैं। भारत वर्ष में खप्पर निकालने की परंपरा वर्षो पुरानी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्राम व नगर की पूजा प्राकृतिक आपदाओं से मुक्ति दिलाने व नगर में विराजमान देवी-देवताओं की रीति-रिवाजों के अनुरुप मान-मव्वौल स्थापित करना है।

आज देवांगन पारा स्थित मां चंडी मंदिर और मां परमेश्वरी मंदिर से खप्पर निकाला जाएगा। मध्यरात्रि 12.15 बजे मां चंडी से और फिर 10 मिनट के अंतराल में मां परमेश्वरी से खप्पर निकाला जाएगा, जो नगर भ्रमण करेगा। विभिन्न मार्गों से गुरजते हुए मोहल्लों में स्थापित 18 मंदिरों के देवी-देवताओं का विधिवत आह्वान किया जाता है।

यह होता है खप्पर

मिट्टी से बने काले रंग के पात्र में आग प्रज्जवलित रहती है। यह पात्र बेहद गर्म रहती है जिसे एक पंडा खुले हाथ में रखा रहता है जिसे खप्पर कहते हैं। वहीं, एक हाथ में तलवार रखता है। खप्पर के मार्ग में कोई बाधा न आए इसके लिए एक अगुवान होता है जो सामने तलवार लहराते हुए चलता है। वहीं मंदिर के पंडा और समिति के लोगों का दल साथ होता है जो शहर से गुजरते समय मंदिरों के सामने पूजा-पाठ करते हैं।

पूर्व में काफी रौद्र रूप था

पूर्वजों का कहना है कि पांच दशक से भी पूर्व जो खप्पर का स्वरूप था वह काफी रौद्र रूप था। दर्शन करना तो बहुत दूर की बात थी, उनकी किलकारी की गूंज मात्र से बंद कमरे में लोग दहशत में आ जाते थे। बावजूद इसके धार्मिक भावना से प्रेरित होकर दरवाजों व खिड़कियों की पोल से पल भर के लिए दर्शन लाभ उठाते थे।

धारा 144 के बीच निकलेगा खप्पर

सुख समृद्वि व देवी पूजन की परंपरा का निर्वहन जिला प्रशासन द्वारा धारा 144 के बीच कोरोना नियमों का पालन करते हुए पूरे शहर के प्रमुख मार्गो को अस्थाई रूप से बाधित कर कड़ी सुरक्षा के बीच शहर स्थित मां चंडी मंदिर व मां परमेश्वरी से खप्पर निकाला जाएगा। नगर में आज भी वर्षों पुरानी खप्पर परंपरा का निर्वहन धार्मिक आस्था के साथ किया जा रहा है।

मंदिरों में होगा हवन-पूजन व कन्या भोज

आज नगर के मां चंडी, महामाया, विन्ध्यवासिनी, काली, शीतला, सिंहवाहिनी, परमेश्वरी सहित सभी देवी मंदिरों में सुबह 09 बजे के बाद हवन-पूजन का कार्य किया जाएगा। तत्पश्चात कन्या भोज कराया जाएगा। मंदिर समितियों ने इसकी सारी तैयारियां पूरी कर ली है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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