कवर्धा (नईदुनिया न्यूज)। जिले के कर्रानाला क्षेत्र अंतर्गत बीट क्रमांक 291 में एक मृत तेंदुआ मिला। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसका शिकार किया गया है। हालांकि लैबोरेटरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि तेंदुआ का शिकार किया गया है या फिर इसकी मौत का कोई दूसरा कारण है।

कर्रानाला क्षेत्र अंतर्गत बीट क्रमांक 291 में मृत तेंदुआ को देखा गया, जिसकी जानकारी तत्काल ही वन विभाग को दी गई। वन विभाग के आला अधिकारी डॉक्टर सहित मौके पर पहुंची और अब जांच में जुटी हुई है। विभाग ने मुखबिर को भी इस घटना का पता लगाने कहा है वहीं विभाग के अधिकारी और उनकी टीम ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है, जिससे यह पता लग सके कि कोई शिकारी तो इस क्षेत्र में नहीं आया। फिलहाल तेंदुए की मौत के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में अब कई तरह की चर्चाएं हो रही है। वहीं विभाग के गुप्त सूत्रों की माने तो बहुत जल्द तेंदुए की मौत के संबंध में पर्दाफाश हो सकता है, फिलहाल अभी जांच जारी है।

लगभग तीन दिन पुराना था शव

कर्रानाला क्षेत्र अतंर्गत बीट क्रमांक 291 में मिले तेंदुए का शव लगभग 3 दिन पुराना बताया जा रहा है। शव पूरी तरह से फूलने की कगार पर आ चुका था।

आठ वर्ष का था तेंदुआ

मृत तेंदुआ लगभग आठ वर्ष का था। उसकी लंबाई 6 फीट है। उसके नाखून, पंजे, दांत सब मौजूद थे। फिलहाल डॉक्टरों के द्वारा पोस्टमार्टम किया जा चुका है। वहीं अब लैबोरेटरी से जांच रिपोर्ट आने के बाद मौत को लेकर पर्दाफाश हो सकेगा। मृत तेंदुआ को लेकर जहर देने या शिकार की आशंका भी जताई जा रही है। तेंदुआ को वन विभाग की टीम बानो स्थित डिपो लेकर पहुंची जहां डॉक्टर ने पोस्टमार्टम में वैक्टिरियल इन्फेक्शन पाया, जिसकी पुष्टि के लिए सैम्पल लैबोरेटरी भेजा जाएगा।

ग्रामीणों से की जा रही पूछताछ

तेंदुआ के मृत अवस्था में मिलने के बाद अब विभाग की टीम इसकी जांच को लेकर जुटी हुई है। वहीं ग्रामीणों से भी मामले की पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी तक वन्यप्राणियों से जुड़ी सूचनाओं में वन विभाग तत्परता के साथ मौके पर पहुंचे और वन्यप्राणियों का रूख पुनः वनों की ओर किया है। वहीं शिकार के मामले में भी शिकारियों को सलाखों तक भेजा जा चुका है।

वन विभाग ने की अपील

वनमण्डलाधिकारी दिलराज प्रभाकर ने ग्रामीणों से एक बार फिर अपील करते हुए कहा कि अगर ग्रामीण क्षेत्रो में वन्यप्राणी दिखे या फिर इसकी सूचना किसी के माध्यम से मिले तो इसकी जानकारी तत्काल कवर्धा वन विभाग, रेंज ऑफिस या फिर उस ग्राम के संबंधित चौकी में तत्काल उपलब्ध कराएं, जिससे किसी भी को नुकसान होने से बचाया जा सके। ज्ञात हो कि कबीरधाम जिले के वन क्षेत्रो में अनेक प्रकार के वन्यप्राणी मौजूद हैं। इसके साथ ही विगत एक महीने में वन्यप्राणी भटकते हुए बस्तियों तक भी पहुंच चुके हैं। कुछ माह पहले सहसपुर लोहारा क्षेत्र अंतर्गत बिरोंडा में बायसन को देखा गया था, वहीं पंडरिया क्षेत्र में हाथियों के समूह ने 28 मार्च को दस्तक दी थी। वर्ष 2011 में बहुचर्चित कबीरधाम जिले में बाघिन हत्या कांड का मामला रहा, जिसके बाद अब मृत अवस्था में तेंदुआ पाया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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