कवर्धा । मंत्री मो.अकबर ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, पुरातत्विक व जनआस्था के केन्द्र बाबा भोरमदेव मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश के समृद्घि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। उन्होंने शिव जी का विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए जलाभिषेक किया और महाआरती में शामिल भी हुए।

उन्होंने बताया कि कबीरधाम का भोरमदेव मंदिर एक जनआस्था का विशाल केन्द्र है। यहां सदियों से पवित्र सावन माह में पदयात्रा और कावंडियों द्वारा मां नर्मदा सहित अन्य पवित्र स्थलों से जल लाने की परंपरा है। उन्होंने कहा कि मेरा भी इस मंदिर से विशेष लगाव और आस्था है। जब भी कोई अवसर मिलता है, यहां आने का तो समय निकाल कर यहा विधिवत पूजा अर्चना और जलाभिषेक करने जरूर आता हूं। इससे मुझे मन में शांति और आंनद की अनुभूति भी होती है।

उल्लेखनीय है कि पूरे सावन माह में बाबा भोरमदेव मंदिर और कवर्धा के प्राचीन बुढ़ा महादेव मंदिर में पदयात्रा कर हजारों कांवडिया और श्रद्घालुगण यहां आते हैं। मंत्री अकबर ने पूजा-अर्चना के बाद मंदिर में आए सौकड़ों श्रद्घालुओं से मुलाकात करते हुए सभी का अभिवादन किया। इस अवसर पर क्रेडा

के सदस्य कन्हैया अग्रवाल, कवर्धा नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि कुमार शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनधि विशेष रूप से उपस्थित थे।

भोलेनाथ की पालकी व कलशयात्रा 8 को

कवर्धा। छत्तीसगढ़ की धर्म राजधानी कवर्धा में भगवान श्री भोरमदेव महाराज की कृपा से पहली बार महाकाल की नगरी उौन की तर्ज पर सावन के अंतिम सोमवार 8 अगस्त को कवर्धा नगर में श्री बूढ़ामहादेव मंदिर से दोपहर 3 बजे डीजे, धुमाल, पारम्परिक नाचगाने एवं विभिन्ना वाद्ययंत्रों की भव्यता के साथ 501 बहनों की भव्य कलश यात्रा एवं भोलेनाथ जी की पालकी सवारी निकलेगी।

शोभायात्रा भक्तों के दर्शन एवं नगर के भीतर पूजा के लिए यूनियन चौक, सराफा लाइन होते हुए मुख्य बाजार मार्ग से चल कर सिग्नल चौक से भारत माता चौक पहुंचेगी, जहां भगवान श्री भोलेनाथ की भव्य महाआरती कर प्रसाद वितरण किया जाएगा। आकर्षक कलश में प्रथम पुरस्कार घरौंदा ग्रुप कवर्धा की तरफ से 5100 रुपये दिया जाएगा। इसी के साथ ही पालकी सह शोभा यात्रा का समापन किया जाएगा। आयोजक हर हर शंकर जय जय शंकर सेवा समिति, कवर्धा ने निवेदन किया है कि पालकी यात्रा में सम्मिलित सभी पुरुष वर्ग धोती अवश्य धारण करें।

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