कवर्धा (नईदुनिया न्यूज)। जिले में लगातार कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार 27 नए कोरोना मरीज मिले। इनमें कवर्धा नगर पालिका सीएमओ भी शामिल है। जिला मुख्यालय के शासकीय नर्सिंग कॉलेज में कोरोना विस्फोट हुआ है। यहां पिछले तीन दिनों में लगातार 300 से अधिक सैंपल लिए गए थे, जिनमें 17 छात्राएं कोरोना संक्रमित मिली हैं। इसके बाद वार्ड नंबर छह महामाया वार्ड स्थित कॉलेज को कंटेनमेंट घोषित करते हुए सील कर दिया गया है। आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाओं पर प्रतिबंध करने का प्रस्ताव जिला कलेक्टर द्वारा जारी किया गया है।

अब जिले में एक्टिव संक्रमित की संख्या 128 पहुंच गई है। शुक्रवार को जारी मेडिकल बुलेटिन में 27 नए कोरोना मरीज मिल। कवर्धा शहर के रामनगर वार्ड एक से एक, संत रविदास नगर वार्ड चार से एक, दीनदयाल नगर वार्ड पांच से एक, शंकर नगर वार्ड आठ से तीन, सतबहिनिया वार्ड नौ से चार, रामजानकी वार्ड 12 से एक, महबूब सहदातर वार्ड 13 से एक, गुरू गोविंद वार्ड 26 से एक, मां विन्ध्यवासिनी वार्ड 27 से एक संक्रमित मिले। बोडला ब्लाक से तीन, स.लोहारा से पांच, पंडरिया से तीन, कवर्धा ग्रामीण से दो मरीज मिले है। वहीं 10 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे।

जिला प्रशासन द्वारा अभी भी लोगों को कोरोना रोकथाम के नियम का पालन करने अपील की जा रही है, लेकिन लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। घर से निकलते वक्त ज्यादातर लोग न मास्क लगा रहे हैं, न ही सार्वजनिक स्थानों पर शारीरिक दूरी के नियम का पालन कर रहे हैं, जबकि हालात बिगड़ रहे हैं। फिलहाल जिला प्रशासन अलर्ट है। अब प्रतिदिन 2000 से अधिक सैंपल ले रहे हैं। शुरू से अब तक जिले में कुल कोरोना संक्रमितों की संक्या 22,856 पहुंच चुकी है। इनमें अब तक 22,441 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं।

बीते कोरोना काल में संक्रमण ने दिखाया था तांडव

बीते साल मार्च माह के बाद कोरोना संक्रमण ने तांडव दिखाया था। स्थिति ऐसी थी कि दूसरे लहर में जिले में करीब 200 मौतें कोरोना के कारण हुई थीं। तब आइसीयू में भी मरीजों को भर्ती कराया गया था। कोरोना के चलते लोगों में खलबली मची हुई थी। उस समय ऐसा लग रहा था कि हर किसी को गंभीर खतरा है, लेकिन लोगों ने सावधानी बरतनी शुरू की तो कोरोना का प्रकोप कम हो गया। जैसे ही कोरोना का प्रकोप कम हुआ तो लोगों ने फिर से लापरवाही बरतनी शुरू कर दी। इसी के चलते एक बार फिर कोरोना तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इस बार कोरोना के बीच राहत की बात यह है कि लोग पहले के मुकाबले जल्द ठीक हो रहे हैं। पहले जब कोई कोरोना संक्रमित हो जाता था तो उसे 10 से 15 दिनों तक उपचार लेना पड़ रहा था, लेकिन इस बार चार से पांच दिन में ही मरीज सही हो जा रहे हैं।

घर पर ही ठीक हो रहे मरीज

उधर स्वास्थ्य विभाग के लिए राहत की बात यह है कि अब कोरोना संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ रही है। क्योंकि अब वह घरों पर ही रहकर ठीक हो जा रहे हैं। पिछली बार 15 फीसद कोरोना संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा था और अब एक फीसद मरीज ही अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। वर्तमान में केवल 18 मरीज का डीसीएच में इलाज चल रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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