कवर्धा। कवर्धा जिले में पांच हजार से ऊपर कोरोना संक्रमण के मरीज मिल चुके हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए जहां जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, तो वहीं सर्दी खांसी तथा वायरल फीवर के मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

ठंड की शुरुआती समय में सर्दी, खांसी, बुखार व वायरल इनफेक्शन तेजी से बढ़ता है। यह बीमारी मनुष्य के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है। इस स्थिति में यदि किसी के द्वारा जरा भी लापरवाही बरती गई तो उसे कोरोना संक्रमण होने की आशंका कई गुना तक बढ़ जाएगी। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह अपने शरीर को फिट रखते हुए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दें। इसके लिए नियमित रूप से सुबह-शाम व्यायाम और योग करें, क्योंकि जिले में अब तक 5000 से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। ऐसे में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खासकर बधो और बुजुर्ग इसकी चपेट में न आए तो बेहतर है, क्योंकि इनके स्वस्थ होने में काफी समय लग जाता है। कवर्धा शहर के वार्डों के साथ-साथ जिले के विकासखंडों में भी बडे पैमाने पर सर्वे का कार्य किया जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक कवर्धा जिलें में लगातार कोरोना पाजिटिव मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ सर्दी-खांसी तथा वायरल फीवर के मरीजों पर विशेष नजर रखने के साथ उनकी सूची भी तैयार कराई जा रही है। अत्यधिक संक्रमण होने के चलते उनका कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। साथ ही मरीजों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं। लोगों को बताया जा रहा है कि ठंड में बीमार होने से बचने के लिए संतुलित व गर्म भोजन का सेवन करना आवश्यक है। रोजाना कम से कम आधे घंटे ताजी धूप ले। काढ़ा, हल्दी मिला दूध आदि गर्म पेय पदार्थ का सेवन करें। रात के समय घर से बाहर निकलने से बचें और गर्म कपड़े पहने। अलाव के जरिए शरीर को गर्म रखें। ठंडा पानी, कोल्डड्रिंक्स, आइसक्रीम जैसे ठंडे पदार्थों का सेवन न करें। गर्म पानी से स्नान करें। बीमार लोगों को घर से बाहर न जाने दे। बधाों को ठंड से बचाने के लिए विशेष ध्यान देने की बात कही जा रही है।

ठंड के कारण बढ़ रहे हैं केस

डॉक्टरो के अनुसार ठंड के कारण कोरोना संक्रमण के केस बढ़ रहे हैं। इस समय समझदारी इसी में है कि भले ही सामान्य फ्लू के लक्षण लगें, फिर भी कोरोना जांच जरूर करानी चाहिए। अगर एंटीजन टेस्ट निगेटिव आए और फिर भी लक्षण रहें तो आरटीपीसीआर जांच भी आवश्यक हो जाती है। थोड़ी सी लापरवाही के गंभीर परिणाम हो जाते हैं।

सही तरह से मास्क पहनना है जरूरी

अगर 90 प्रतिशत तक आबादी मास्क से सही ढंग से नाक और मुंह ढंकने लगे तो बीमारी नहीं फैलेगी। एक सर्वेक्षण में कुछ लोगों ने कहा कि मास्क लगाने से सांस लेने में कठिनाई होती है। कुछ लोगों ने कहा कि हमको सांस की तकलीफ है इसलिए मास्क नहीं पहन सकते। चिकित्सक कहते हैं कि ऐसे लोगों को तो और अधिक मास्क पहनने की जरूरत है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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