कवर्धा। शहर के ट्रांसपोर्ट नगर (नंदी विहार) कालोनी में जिला आबकारी विभाग ने सरकारी शराब दुकान को शिफ्ट किया है, जिसका विरोध लगातार नंदी विहार कालोनी की महिलाएं व भाजपा कार्यकर्ता कर रहे हैं। लेकिन अब हाईवे में सरकारी शराब दुकान खोले जाने का विरोध करना नेताओं को मंहगा पड़ गया। दरअसल कोतवाली थाना में भाजपा नेताओं के खिलाफ बलवा का मामला दर्ज किया गया है। सोमवार को एफआइआर दर्ज होने के बाद राजनीतिक हल्कों में उथल-पुथल मच गया। लेकिन इसमें भी एक कंट्रोवर्सी की गई है। दरअसल कोतवाली पुलिस ने जितेंद्र गुप्ता के आवेदन पर एफआइआर दर्ज की है। इस संबंध में नईदुनिया ने जितेंद्र गुप्ता से फोन कर पूछा तो उसने एफआइआर दर्ज नहीं कराने की बात कही है। उसने बताया कि वह चिल्फी जा रहा था, इसी दौरान च-ाजाम में फंस गया। तब मौके पर मौजूद पुलिस वालों ने उनसे कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराए व मोबाइल नंबर लिए हैं। वहीं इस मामले में कोतवाली प्रभारी कपिल देव चन्द्रा ने कहा कि जितेंद्र के द्वारा मामला दर्ज किया गया है, जिसमें आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर एफआइआर होने के बाद भी सोमवार को नंदीविहार कालोनी की महिलाएं व भाजपा कार्यकर्ता लगातार विरोध में डटे रहे। अब तक सरकारी शराब दुकान हटाने कोई पहल नहीं किया जा रहा है। सोमवार को शराब दुकान के सामने ही फिर से भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया है। कार्यकर्ताओं ने भैंस के आगे बीन बजाकर विरोध दर्ज कराया है।

कोतवाली थाना में दो मामले दर्ज

कोतवाली थाना से मिली जानकारी अनुसार इस मामले में कुल दो एफआइआर दर्ज हुए हैं। पहले एफआइआर में कई भाजपा नेताओं के नाम हैं, जिसमें प्रमुख रूप से विजय शर्मा, कैलाश चन्द्रवंशी, सौरभ सिंह समेत अन्य शामिल हैं। इस एफआइआर के दर्ज कराने के लिए कवर्धा शहर के ही जितेंद्र गुप्ता के आवेदन पर कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि जितेंद्र गुप्ता वाहन चालक है, जो कवर्धा से चिल्फी जा रहा था। पुलिस ने जितेंद्र के आवेदन पर धारा 147 समेत अन्य धारा लगाकर कार्रवाई की है। वहीं दूसरी एफआइआर आबकारी उपनिरीक्षक योगेश सोनी द्वारा किया गया है, जिसमें धारा 147, 342 का जिक्र है। दोनों एफआइआर मिलाकर लगभग 15 भाजपा नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

लगातार विरोध प्रदर्शन से हो रही छवि खराब

इस सरकारी शराब दुकान का विरोध बीते 28 दिसंबर से शुरू हुआ। इसके बाद भी सरकारी शराब दुकान को हटाए जाने को लेकर कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। गौर करने की बात है कि यह आंदोलन अब बड़ा रूप लेना शुरू हो गया है। इसके पहले वर्ष 2020 में कलेक्ट्रेट के सामने किसानों ने धान खरीदी को लेकर करीब माह भर धरने पर बैठे हुए थे। इसी तर्ज पर अब शराब दुकान को हटवाने के लिए विपक्ष की पार्टी व कालोनी की महिलाएं पुरजोर विरोध में उतर आई है। आने वाले दिनों में यह शराब दुकान नहीं हटा तो ये बड़ा आंदोलन का रूप ले सकता है।

सड़क पर खुल रहे है अंडा व चखना के दुकान

इधर शराब दुकान खुलने के बाद से ही यहां कई छोटे-छोटे दुकान खुलते जा रहे हैं। स्थिति ऐसी है कि भोरमदेव रोड की तरफ चखना सेंटर खुल गया है। इसके अलावा शराब दुकान के आगे पोंड़ी रोड़ पर भी कई ढाबा व अन्य चखना दुकान खुल गए हैं। इस कारण यहां लोगों को आने-जाने में काफी दि-त हो रहीं है। इसके अलावा सुबह से देर रात तक यहां शराब प्रेमियों का जमावड़ा लगा होता है। आने वाले दिनों में यहीं स्थिति रही तो काफी दि-त होगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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