कवर्धा(नईदुनिया न्यूज)। परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत जिले में बेहतर कार्य जारी है। इसके लिए स्थायी व अस्थाई संसाधनों के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ इसकी मुफ्त सेवाएं भी प्रदान की जा रही है। जिले के लोगों में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ी है और खुशी की बात यह है कि इसके लिए लोग पुरुष नसबंदी को अपना रहे हैं। जिले में डा. सतीश चंद्रवंशी द्वारा सर्वाधिक नसबंदी कार्य किया गया है। इनके साथ डा. विनोद चंद्रवंशी, डा. राजेश चंद्रवंशी, आरएमए शिल्पा बख्शी, रूपेश साहू समेत टीम का सहयोग काफी सराहनीय है।

जिले में सत्र 2019-20 में 659 पुरुषों ने नसबंदी कराया है। वहीं, वर्तमान सत्र में 250 नसबंदी हो चुकी है। इससे साफ परिलक्षित हो रहा है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों में उक्त विषय के संबंध में रुचि जगाने में सफल हो रहा है। ज्ञात हो कि जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा लगातार लोगों को पुरुष नसबंदी के लिए प्रेरित किया जा रहा है और इस संबंध में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भरपूर प्रचार-प्रसार भी किया गया है। परिणाम स्वरूप अब लोगों ने इसके प्रति रुचि और भरोसा दिखाया है। इस संबंध में अनेक भ्रम भी लोगों में व्याप्त था, जिसे सीएमएचओ डा. शैलेंद्र कुमार मंडल के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार जनसंपर्क कर दूर किया जा रहा है। डा. मंडल ने बताया कि अब तक 2000 से अधिक महिला नसबंदी की जा चुकी है।

अन्य जिलों की अपेक्षा कबीरधाम में अधिक है प्रोत्साहन की राशि

पुरुष नसबंदी कराने वाले को कबीरधाम में सरकार की ओर से तीन हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदाय की जा रही है और प्रेरक को चार सौ की राशि दी जा रही है। ज्ञात हो कि संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में कबीरधाम और सरगुजा जिले को छोड़कर शेष जिलों में प्रोत्साहन राशि 2000 है। इसी प्रकार महिला नसबंदी कराने पर दो हजार की प्रोत्साहन राशि शासन द्वारा हितग्राही को दी जाती है।

साल भर फिक्स डे में जारी रहेगी नसबंदी

सीएमएचओ द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार कवर्धा के जिला चिकित्सालय, बोड़ला और लोहारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर भी लोग बिना चीरा नसबंदी करा सकते हैं। जिला चिकित्सालय, सीएचसी पिपरिया, सीएचसी लोहारा में प्रत्येक कार्यदिवस पर नसबंदी जारी रहेगी। नसबंदी के लिए इच्छुक हैं वे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में पंजीयन करवाकर तिथि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर सम्पर्क कर सकते हैं। जिले में डा. सतीश चंद्रवंशी, डा.हीना अहमद और डा.आइएस ठाकुर द्वारा उक्त सेवाएं दी जा रही है।

सरल है पुरुष नसबंदी

सीएमएचओ ने पुरुष और महिला नसबंदी की पूरी प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि पुरुष नसबंदी महिला नसबंदी से अपेक्षाकृत अधिक सरल है, इसके बावजूद भ्रम, सामाजिक मान्यताओं और पुरुष प्रधान समाज होने के कारण लोग इसे अपनाने से कतराते हैं। उन्होंने बताया कि बिना चीरा के नसबंदी के बाद व्यक्ति को किसी प्रकार के आराम की विशेष आवश्यकता नहीं होती है। इससे न ही किसी प्रकार की कमजोरी आती है और न ही यह वैवाहिक जीवन को प्रभावित करता है। डा. मंडल ने युवाओं को इस तरह के सभी विषयों पर जागरुक रहकर समाज को भी जागरुक करने को कहा ।

Posted By: Nai Dunia News Network

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