कवर्धा (नईदुनिया न्यूज)। हाल में हुई बेमौसम बारिश के कारण धान खरीदी केंद्रों में धान भीगने के मामले को मंत्री मंडलीय उप समिति ने गंभीरता से लिया है। धान खरीदी केंद्रों को बारिश से धान को बचाने के लिए कैप कवर, तालपत्री और अन्य इंतजाम के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई गई थी। इसके बावजूद धान भीगने को लापरवाही मानते हुए कबीरधाम जिले के विपणन अधिकारी टिकेंद्र राठौर और उप पंजीयक भूपेंद्र ठाकुर समेत अन्य अफसरों को नोटिस जारी करने की अनुशंसा मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने की है। हालांकि धान की क्षति नहीं हुई है। बारिश बंद होने के बाद सभी केंद्रों में सुचारू रूप से खरीदी जारी है।

मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में धान खरीदी केंद्रों में धान भीगने की घटना पर नाराजगी व्यक्त की गई है। जिले में 103 खरीदी केंद्रों के माध्यम से करीब एक लाख से अधिक किसानों से खरीदी की जानी है। मौसम विभाग द्वारा बारिश संबंधी पहले से ही अलर्ट जारी कर दिया गया था। फिर भी धान को भीगने से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। धान खरीदी के साथ-साथ सुरक्षा की जवाबदेही अफसरों की है।

लक्ष्य के 55.5 फीसद धान की खरीदी

जिले में अब तक 24 लाख 93 हजार 185 क्विंटल धान खरीदी कर ली गई है। 76 हजार 755 पंजीकृत किसानों ने इतना धान बेचा है। इस वर्ष धान खरीदी का नया रिकार्ड बना है। पंजीकृत किसानों से 44 लाख 89 हजार 49 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित है। महज 23 दिनों में लक्ष्य की तुलना में 55.5 प्रतिशत धान खरीदी कर ली गई है। धान बेचने वाले किसानों को 290 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया गया है।

पंजीकृत किसानों को घर पहुंच टोकन की सुविधा

समिति प्रबंधन द्वारा पंजीकृत किसानों को घर पहुंच टोकन भी दिए जा रहे है। वहीं इन केंद्रों में अमानक धान की खरीदी को रोकने और जिले में अन्य राज्यों से आने वाले धान के अवैध परिवहनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही। इन सब के बीच पंजीकृत किसानों को धान बेचने में किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी ना हो इसके लिए भी डिप्टी कलेक्टरों तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

तीन वर्गों में चिन्हांकित कर खरीदी

सुचारू व शांति पूर्ण ढंग से धान की खरीदी हो सके इसके लिए जिले में सीमांत किसान, लघु किसान और दीर्घ किसान तीन वर्ग में विभाजित किया गया है। जिले में सीमांत किसानों में ढाई एकड़ तक 75 हजार 964 पंजीकृत है, जिसमें से 50 हजार 396 किसानों ने धान बेच लिया है। ढाई एकड़ से 5 एकड़ तक के लघु किसानों की संख्या 26 हजार 365 हैं, जिसमें से 17 हजार 165 किसानों ने धान बेच लिया है। पांच एकड़ से दस एकड़ तक जिले में 9700 पंजीकृत किसान है, जिसमें से 6 हजार 259 किसानो ने धान बेच लिया है। इसी प्रकार दस एकड़ से बीस एकड़ तक जिले में दीर्घ किसानो की संख्या 2 हजार 513 है, जिसमें से 1597 ने धान बेच लिए है। बीस एकड़ से अधिक रकबा वाले 424 पंजीकृत किसान है, जिसमें से 255 किसानों ने अपना धान बेच लिया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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