कवर्धा (नईदुनिया न्यूज)। कबीरधाम जिले के दोनों शक्कर कारखाने समेत करीब 50 से अधिक गुड़ फैक्ट्रियां शुरू हो गई हैं। गन्ना कटाई के बाद उसे ट्रैक्टर में लोड कर गुड़ फैक्ट्री व शक्कर कारखाना तक किसान पहुंच रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बा हुआ है। इस वर्ष भी पुलिस ने अभी तक कोई तैयारी नहीं की है। जिले में हर साल औसतन पांच लोगों की मौत गन्ने से लदे ट्रैक्टरों में टकराने के कारण होती है। इसलिए अभी से उपाय जरूरी है। वर्तमान में ट्रैक्टर के पलटने के मामले भी सामने आ रहे हैं। गौरतलब है कि दोनों शक्कर कारखाना व गुड़ फैक्ट्री में करीब 10 लाख एमटी से भी ज्यादा का गन्ना परिवहन होता है। अकेले शक्कर कारखाना में तो सात लाख एमटी के करीब गन्ना बेचने के लिए किसान आते हैं। सबसे ज्यादा खतरा कवर्धा से पोंड़ी, पांड़ातराई, पंडरिया की तरफ है।

सड़क खराब होने से पलट रहे ट्रैक्टर

किसानों की माने तो ट्रैक्टर पलटने के पीछे का कारण सड़क खराब होना भी है। हाल में ही मंझोली से कोयलारी, कापा, लालपुर, कुम्ही, धोबघट्टी होते हुए बेलमुड़ा, झितापार, पिपरखुटी से लगे 15 से अधिक ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाली सड़क की हालत जर्जर होने के कारण किसानों को गन्ना कारखाने में आने-जाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। इसे लेकर किसानों ने ज्ञापन भी सौंपा। किसानों को कहना है कि कारखाना में गन्ना बिक्री हेतु यातायात में आ रही भारी कठिनाइयों को लेकर वे काफी परेशान हैं। सड़क की अत्यन्त खराब स्थिति के कारण गन्ने से लदे ट्रक, ट्रैक्टर, पिकप अन्य वाहन रोड पर ही पलट रहे हैं। इससे जानमाल की भी हानि हो सकती है। ऐसे मे किसानों की इस समस्याओं को समझते हुए ज्ञापन सौंपा गया था।

शक्कर कारखाना के सामने टू लेन से राहत

पोड़ी के पास शक्कर कारखाने के सामने करीब दो किलोमीटर लंबी नेशनल हाईवे सड़क को टू लेकर दिया गया है। इससे काफी हद तक किसानों को गन्ना परिवहन के लिए राहत मिलेगी। इसके अलावा अन्य सड़क में ट्रैक्टर ट्राली के बाहर के हिस्से में गन्ना निकला होता है। इससे कोई भी व्यक्ति सामने व पीछे की ओर से टकरा सकता है।

2018 में जागरूकता के लिए बनाया था वीडियो

गन्ना ट्रैक्टर ट्राली से टकराने से मौत के बढ़ते मामले को लेकर वर्ष 2018 में जिला प्रशासन ने विशेष फोकस किया था। जिले में संचालित दोनों शक्कर कारखाना में हो रहे गन्ना परिवहन के दौरान आकस्मिक दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जागरूकता वीडियो बनाया गया। वीडियो को कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में लांच किया गया था। इसमें गन्ना परिवहन के दौरान हो रही लापरवाही व दुर्घटना के कारण को दिखाया गया था। वीडियो के माध्यम से कृषकों को गन्ना परिवहन के दौरान वाहनों में अत्यधिक भार लोडिंग नहीं करने, शराब सेवन कर वाहन नहीं चलाने, ट्रैक्टर एवं अन्य वाहनों के चारों ओर रेडियम, एलइडी लाइट, लाल कपड़ा लगाने एवं अन्य सावधानी बरतने की अपील की थी। लेकिन इस बार कोई पहल नहीं की गई।

नाबालिग चलाते हैं ओवरलोड ट्रैक्टर

किसानों को अपना उत्पादन कारखाने तक पहुंचाने के लिए कड़ी मश-त करनी पड़ रही है। किसान भी परिवहन में लापरवाही बरते हुए ट्रैक्टरों में ओवर लोड गन्ने भरकर कारखाना पहुंचते हैं। कई बार ट्रैक्टर ट्राली सहित पटल जाते हैं। ट्रैक्टर चलाने वालों में ज्यादातर नाबलिग होते हैं। किसानों द्वारा ट्रैक्टर ट्राली में भरा गया गन्ना दोनों ओर लगभग तीन-तीन फीट बाहर निकल जाता है। इसके चलते अन्य वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं है और हादसे हो जाते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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