कवर्धा (नईदुनिया न्यूज)। जिले में फिर से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। वहीं लाकडाउन की अफवाह के कारण जिले में सामान की जमाखोरी शुरू हो गई है, इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। बाजार में कई प्रकार के सामान की कमी बताई जा रही है। जिले में 50 से अधिक कोरोना संक्रमित हैं। फिलहाल जिले में कोई कड़ा प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। जिले पान मसाला, गुटखा, गुड़ाखू व अन्य सामान की कालाबाजारी ने फिर से जोर पकड़ ली है। कुछ व्यापारियों ने नाम न छापने का निवेदन करते बताया कि थोक व्यापारियों ने अचानक कीमतें बढ़ा दी हैं, कुछ ने स्टाक करने के कारण बेचना ही बंद कर दिया है। इसी वजह से छोटी दुकानदारों ने सामान की दरें बढ़ा दी हैं। इसका असर कवर्धा शहर के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में छोटी-छोटी दुकानों पर देखने को मिल रहा है। जानकारी के अनुसार थोक व्यापारियों ने ज्यादा बिकने वाले कुछ गुटखों, पान मसाला, जर्दे का स्टाक कर उन्हें बेचना बंद कर दिया है। वहीं कुछ पान मसाला के पैकेट में 30 से 40 रुपये ज्यादा लेना शुरू कर दिया है।

कुछ सामान का रेट डबल

दुकानों प पांच रुपये बिकने वाले गुटखे व जर्दे की कीमत 15 रुपये कर दी गई है। कहीं 20 रुपये में तीन पाउच बेचा जा रहा है। दरअसल जिले में धारा 144 लागू है, प्रदेश के अन्य शहरों में नाइट कर्फ्यू लागू की गई है। इसे देखते हुए संपूर्ण लाकडाउन की अफवाह जोर पकड़ रही है। व्यापारियों को फिर से पिछले लाकडाउन की तरह गुटखों, पान मसालों व जर्दों की कालाबाजारी से भारी व्यापार की उम्मीद है।

धंधा बंद होने से परेशान रहे लोग

बता दें कि बीते साल लाकडाउन के दौरान दुकानें बंद रहीं जिससे व्यापारियों को खासा घाटा हुआ था। कई दुकानदार तो पूरी तरह चैपट हो गई थे। लेकिन इस आपदा को कुछ व्यापारियों ने अवसर में बदला और नशे की वस्तुओं को ब्लेक में ऊंचे दामों पर बेचकर जमकर मुनाफा कमाया। इस बार भी यही हो रहा है। लोगों को लगने लगा है कि ओमीक्रोन वायरस आ चुका है तथा इसके चलते सरकार किसी भी समय लाकडाउन की घोषणा कर सकती है। लिहाजा इस स्थिति में लाभ कमाने के लिए नशे की चीजों की जमाखोरी शुरु कर दी जाए जिससे जमाखोर व्यापारी इस धंधे में अभी से लग गए हैं।

बीते कोरोना काल के दौरान बनाई गई टीम

जिले में बीते साल के कोरोना काल के दौरान लगे लाकडाउन के समय भी काफी जमाखोरी की शिकातयें सामने आई थीं। तब प्रशासन ने चार विभागों की टीम तैयार की थी। इसमें एसडीएम, पुलिस, नगरीय निकाय और खाद्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई थी। यह टीम आवश्यक खाद्य पदार्थों की जमाखोरी करने और निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों पर निगरानी की। साथ ही कई दुकनों में जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की थी। लेकिन वर्तमान में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच ऐसे कोई भी टीम का गठन नहीं किया गया है।

कार्रवाई की जरूरत

लगातार कोरोना के मामले जिले में बढ़ रहे हैं। इस बीच प्रशासन को जमाखोरी पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। क्योंकि आने वाले दिनों में स्थिति बिगड़ सकती है। जमाखोरी करने और निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने की शिकायत भी लोगों को खुलकर करना चाहिए। ताकि इस तरह के काम करने वाले के खिलाफ कार्रवाई हो सके।

कार्रवाई करेंगे

कलेकक्टर रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि जो भी शिकायत आ रही है, उसकी जांच करवाई जाएगी। जमाखोरी और दाम वृद्धि पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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