कवर्धा। जिला अस्पताल में स्त्री रोग विभाग व शिशु रोग विभाग के अलावा अन्य विभागों में काफी आशाजनक कार्य हो रहे हैं। इसका एक उमदा उदाहरण हाल ही में देखने को मिला जब जिला अस्पताल में एक ही दिन में डा. हीना अहमद, डा. आदेश कुमार बागड़े व उनकी टीम ने 6 जटिल प्रसव प्रकरणों का सफल आफरेशन करके जच्चा-बच्चा की जानें बचाई।

इस संबंध में डा. हीना अहमद बताती हैं कि प्रसूता की कम्प्लीट हिस्ट्री लेने के बाद यदि वह चिन्हांकित हाई रिस्क प्रेग्नेंसी होती है तब भी व अनोन केस के रिस्क का पता लगता है। तब भी तत्काल आपरेशन की व्यवस्था करके जधाा-बधाा को सुरक्षित कर लिया जाता है। प्रायः बच्चे का नाल फंसे होने, बच्चे का वजन अधिक होने, बधाा उल्टा होने, बच्चे के द्वारा गंदा पानी पी लेने, पहला बधाा आपरेशन से होने पर दूसरे का आपरेशन करना पड़ता है। यहां यह भी बताना लाजमी होगा कि जिला अस्पताल में सिविल सर्जन डा. पी सी प्रभाकर के देखरेख में प्रति माह लगभग 35 जटिल प्रसव प्रकरणों का आपरेशन करके जधाा-बधाा की जान बचाने का कार्य किया जा रहा है।

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का किया जा रहा चिन्हांकन, दी जा रही त्वरित सेवाएं

सुरक्षित मातृत्व के लिए जिले में सीएमएचओ द्वारा बाकायदा माहवारी सर्विलेंस करवाया जा रहा है, ताकि गर्भवतियों का त्वरित पंजीयन किया जा सके। इसके पश्चात पंजीकृत गर्भवतियों को प्रतिमाह 9 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों से फालो अप करवाया जा रहा है। मातृत्व व शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के विधिवत व्यवस्थित संचालन के चलते हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का चिन्हांकन करके जिला अस्पताल, एमसीएच विंग-सीएचसी पंडरिया व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोहारा में सीजेरियन प्रसव करवाया जा रहा है। सीएमएचओ द्वारा हर माह एएनएम, मितानिन, महिला पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्र की गर्भवतियों को पीएमएसएमए के दिन नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजने के लिए निर्देशित किया गया है, जिससे सभी का प्रापर फॉलो अप हो सके और किसी प्रकार की जटिलता होने पर तत्काल सेवा देकर जधाा-बधाा को सुरक्षित किया जा सके। स्वास्थ्य केंद्रों में उक्त दिवस गर्भवतियों के बैठने, बिस्किट-पानी आदि की विशेष व्यवस्था भी समस्त बी एम ओ के माध्यम से करवाया जा रहा है। निजी व शासकीय चिकित्सकों के सहयोग से उक्त सेवाएं सुचारू है, जिसे अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

जिला अस्पताल के सभी विभागों के कार्यों में आई है प्रगति

जिला अस्पताल के कार्यों में उत्तरोत्तर प्रगति देखी जा सकती है। स्त्री रोग सम्बन्धी आपरेशन, सीजेरियन प्रसव से लेकर हड्डी रोग, बाल रोग, दंत रोग में क्रिटिकल ऑपरेशन्स के साथ सेवाएं जारी हैं। गत सत्र व वर्तमान सत्र के तुलनात्मक स्थितियों पर यदि नजर डाला जाए तो स्थिति काफी आशा जनक है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में जिला अस्पताल का प्रतिमाह का औसत ओपीडी लगभग 7 हजार था जो अब बढ़कर लगभग 8 से साढ़े आठ हजार पहुच गया है। इसी प्रकार आई पी डी भी प्रतिमाह 698 था जो अब 787 हो चुका है। सीजेरियन प्रसव की अगर बात की जाए तो प्रतिमाह 15 से बढ़कर लगभग 35 हो चुका है। मोतीयमबिंद 16 प्रतिमाह से बढ़कर औसतन 48 हो गया है। हड्डी संबंधी ऑपरेशन 4 से बढ़कर प्रतिमाह औसतन 24 हो चुका है। लैब जांच की संख्या हो या स्टाफ की उपलब्धता शासन स्तर पर सेवाओं को बढाने के लिए जिला अस्पताल में मानव व अन्य संसाधन उपलब्ध कराई जा रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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