कलेक्टोरेट के मेन गेट के सामने किसान बीते गुरुवार से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन का यह छटवां दिन था। लगातार प्रदर्शन होने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर किसानों के प्रदर्शन का समर्थन देने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह कवर्धा पहुंचे। वे शाम 6 बजे किसानों के साथ बैठकर उनकी सभी मांगों को जायज ठहराया।

कार्यक्रम को संबोंधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में लाखों किसानों को टोकन तो दे दिया गया,लेकिन उनके धान की खरीदी आज तक सरकार नहीं कर पा रही है,जिसके चलते हजारों किसान अलग-अलग जगहों पर अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। कहीं नेशनल हाइवे जाम है तो वहीं कवर्धा के कलेक्टोरेट कार्यालय में छह दिनों से किसान बैठे हुए हैं। अभी तक ना ही इन्हें कलेक्टर ने आकर पूछा और ना ही किसी अधिकारी ने इनकी सुध ली। बिरकोना में भी किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। धान खरीदी को लेकर छत्तीसगढ़ में जो सिस्टम बनाया गया था उसे वर्तमान सरकार भूपेश बघेल ने एक वर्ष में ही खत्म कर दिया। कबीरधाम जिले के विधायक व पावरफुल माने जाने वाले मंत्री मोहम्मद अकबर भी अब इन किसानों की सुध नहीं ले रहे हैं। डॉ। रमन सिंह ने कहा कि यह सरकार निर्मम हो गई है। किसानों को सरकार ने आज कोचिया कह दिया है, सरकार आकर देखें यहां जो किसान बैठे हुए हैं वे सच में किसान ही है, और यह वही किसान हैं जो आज से नहीं बरसों पहले से धान बेचते आ रहे हैं। अब तो ऐसा लग रहा है कि सरकार की मंशा ही नहीं है धान खरीदने की। पूर्व सीएम ने कहा कि किसानों के साथ उनके समर्थन में वे हमेशा खड़े हैं। साथ ही भारतीय जनता पार्टी भी किसानों का पूरा समर्थन करती है। साथ ही कवर्धा कलेक्टर कार्यालय के सामने कृषक जो फाग गा रहे थे उस पर भी डॉ.रमन सिंह ने कहा कि अगर किसानों के धान यह सरकार नहीं खरीदी तो यह जो फाग गीत है प्रत्येक ग्राम में प्रत्येक शहर में होली पर बजेगी।

जाम में फंसे पूर्व मुख्यमंत्री

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जब भी वे रायपुर से कवर्धा आते थे तो उन्हें मात्र डेढ़ घंटे का समय लगता था, लेकिन आज किसानों के जगह-जगह चक्काजाम व घेराव के चलते उन्हें कवर्धा पहुंचने में साढ़े घंटे लग गए, जो अपने आप में एक सोचनीय विषय है। आज सरकार कृषकों के धान को नहीं खरीद रही है,अगर कहीं सरकार इन कृषको के धान को खरीद लेती तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह हड़ताल में बैठे कृषकों को लाइट बंद कर लाठी से पीटा गया,उस विषय को लेकर भी विधानसभा में उन्होंने प्रश्न खड़े किए हैं। एक-एक दान धान खरीदारी की बात करने वाली सरकार आज किसानों को कोचियों कह रही है इसके लिए सरकार को माफी मांगनी चाहिए। इस दौरान भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा, पूर्व कलेक्टर व भाजपा नेता ओपी चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल ठाकुर,समेत भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

पूरे राज्य में किसानों को हो रही परेशानीःओपी चौधरी

किसानों को समर्थन करने पूर्व आईएएस व भाजपा नेता ओपी चौधरी भी इस आंदोलन में शामिल होने पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे राज्य में कई हजार किसानों के धान खरीदी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि कवर्धा में 9 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की नहीं हुई और 12 हजार किसान प्रभावित है। यहीं हाल राज्य के सभी जिलो में है। कांग्रेस शासन द्वारा किसानों को धोखा दिया गया। शुरूआत से ही किसानों को परेशान किया गया। अपने मन से ही धान का रकबा काटा गया। इस कारण कई हजार किसान धान नहीं बेच सके।

विरोध बढ़ता जा रहा, अब जिले के दूसरे जगहों में भी प्रदर्शन

कवर्धा में लगातार बीते छह दिन से आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन की आग पूरे जिले में लग गई है। जिले के कई जगहों में लगातार धरना व च-ाजाम हो रहा है। नेशनल हाईवे मार्ग भी चक्काजाम के कारण बंद है। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व सीएम डॉ.रमन सिंह ने मंगलवार को बिरकोना व रणवीरपुर में किसानों के मांगों को समर्थन किया। वहीं देर शाम को कवर्धा से रायपुर के लिए रवाना हो गए। इसके साथ ही बोड़ला में भी किसानों को प्रदर्शन प्रशासन की समझाइश के बाद समाप्त हो गई है।

उर्पाजन केंद्रों में किसानों का धान जाम

जिले में इस खरीदी सीजन के लिए 86 उर्पाजन केंद्र बनाए गए थे। इन सभी में 20 फरवरी से खरीदी बंद है। लेकिन 20 फरवरी को टोकन कटे करीब 12 हजार किसानों की धान खरीदी नहीं की गई। ऐसे में यहां किसानों का धान जाम है। दो दिन से हुए बारिश के कारण यह धान भीग गए हैं । किसान मोहित वर्मा, चुरावन साहू, अशोक बघेल ने बताया कि गुरुवार को कवर्धा, बोड़ला व पंडरिया के एसडीएम ने कहा था कि धान खरीदी होगी। लेकिन धान की खरीदी नहीं हुए, ऐसे में फिर से धान खरीदी के उम्मीद में उपार्जन केंद्र में धान को रखा है। लेकिन खरीदी नहीं की जा रही है।

राज्य सरकार ही निर्णय लेगी

पूरे राज्य में धान खरीदी पूर्ण रुप से बंद है। किसान लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं । लेकिन जिले के अफसर भी कुछ नहीं कर पाएंगे। क्योकि धान खरीदी फिर से किए जाने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया जाएगा। इस कारण किसानों का उम्मीद अब राज्य सरकार के साथ है। अब जो भी निर्णय लिया जाएगा वह राज्य सरकार द्वारा लिया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक 29 फरवरी को दोपहर एक बजे से कोरबा जिले के सतरेंगा में होगी। उम्मीद जताई जा रहीं है कि यहां धान खरीदी के संबंध में कोई निर्णय लिया जा सकता है।

बोड़ला में एसडीएम को मिर्च व निंबू किया भेंट

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कवर्धा-9

इधर बोड़ला में चक्काजाम कर रहे किसानों ने एसडीएम विनय सोनी को मिर्च व निंबू भेट किया। यहां आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने चक्काजाम हटा लिया है। करीब दो दिन से यहां चक्काजाम की स्थिति थी। ऐसे में जबलपुर से कवर्धा व रायपुर से कवर्धा आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

Posted By: Nai Dunia News Network