कवर्धा (नईदुनिया न्यूज)। धर्मनगरी कवर्धा में मौसम का मिजाज फिर से बदलने वाला है। शनिवार सुबह बारिश नहीं हुई। किंतु आसमान में हल्के बादल थे। न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पारा 14.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम विभाग की मानें तो जल्द बादल हटेंगे और ठंड बढ़ेगी। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त गरम हवाओं का आगमन निरंतर जारी है। एक द्रोणिका दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक से उत्तर अंदरूनी उडीसा तक आज भी स्थित है। हालांकि आने वाले दिनों में हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छीटें पडने की सम्भावना है। जिले में अधिकतम तापमानों में वृद्घि होने की सम्भावना बन रही है। उत्तर से ठंडी और शुष्क हवाओं के आगमन के कारण प्रातःकाल में कोहरा छाने की सम्भावना है। आज रविवार के बाद न्युनतम तापमान में गिरावट का दौर प्रारंभ होने की सम्भावना है। दूसरी ओर जिले में मौसम तो खुल गया है,लेकिन अब किसानों को कई अपने फसल की चिंता सताने लगी है। हालांकि राज्य सरकार ने सर्वे कर मुआवजा के जरूर निर्देश दिए है।

बारिश के कारण कई केन्द्र में खरीदी बंद

जिले में बीते चार दिन से बारिश हो रहीं थी। शनिवार को बारिश तो नहीं हुई। लेकिन इन चार दिनों में हुए बारिश के कारण धान खरीदी पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। ज्यादातर खरीदी केन्द्र बंद है। हालांकि जिले में लगभग 70 प्रतिशत खरीदी पूरी कर ली गई है। इस बीच राज्य सरकार ने भी निर्देष दिए है कि मौसम ठीक होते ही उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी में तेजी लायी जाएगी। जिले में सभी पंजीकृत कृषकों से धान की खरीदी की जाएगी। इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में खरीदी की व्यवस्था को और अधिक विस्तारित करने के निर्देश दिए गए है। मौसम खुलते ही किसानों से तेजी से धान खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जिले में धान खरीदी की अंतिम तारीख 31 जनवरी है। सरकार की यह कोशिश होगी की इस अवधि में शत-प्रतिशत किसानों से उनके पंजीकृत रकबे के धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर पूरी कर ली जाए। आवश्यकता पड़ने पर किसानों के सहूलियत के लिए धान खरीदी के निर्धारित अवधि में वृद्घि करने का विचार किया जाएगा।

गेहूं को फायदा, बाकी फसन को नुकसान

अभी की जो बारिश हुई है, इससे रबी फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है। विशेषकर जहां रबी की खेती अधिक होती है। जिले में चना, अलीसी, मसूर, लाख-लाखड़ी और तिवड़ा, उतेरा की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। राज्य सरकार ने निर्देश दिए जा चुके हैं कि कृषि और उद्यानिकी विभाग के मैदानी अमले के साथ राजस्व अमले को साथ लेकर आकलन करे। राजस्व पुस्तक परिपत्र के तहत राशि का आवंटन किया जा रहा है। इसके अलावा नुकसान का सर्वे कर बीमा कंपनियों को भी भेजें और किसानों को बीमा राशि भी दिलाई जाएगी। यहां पर बताना लाजमी है कि मुआवजा और बीमा क्लेम की एक निर्धारित प्रक्रिया है। इसमें समय लगेगा। पिछले साल किसानों को बीमा प्रीमियम से कई गुना ज्यादा बीमा राशि मिली थी। इस साल भी उम्मीद करते हैं रबी की फसलों के नुकसान की भरपाई बीमा की राशि से कर पाएंगे।

कोहरे के कारण लोग परेशान, हुए सड़क दुर्घटना

वर्तमान में हुए मौसम के असर के कारण लोग परेशान रहे। शुक्रवार रात के समय जबर्दस्त कोहरा छाया हुआ था। इस कारण कई सड़क दुर्घटना भी हुई है। एक सड़क दुर्घटना कवर्धा-जबलपुर नेशनल हाईवे पर हुआ है। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। थाना से मिली जानकारी अनुसार ग्राम डोंगरिया के रहने वाले बीरेन्द्र चंद्रवंशी अपने स्वीप्ट कार क्रमांक सीजी 12-ऐजेड5103 से अपने दोस्त संदीप चंद्रवंशी के साथ जा रहा था। रात करीब 7ः15 बजे हरिनछपरा के पास ट्रैक्टर का ट्राली क्रमांक सरजी 07, डी, 588 बीच रोड में गन्ना भर कर खडा किया था। जिसमें किसी भी प्रकार का कोई सुरक्षा संसाधन का उपयोग नहीं करते हुए तथा पार्किंग लाइट का इस्तेमाल नहीं किया जाने से रात्रि में ट्रैक्टर का ट्राली दिखाई नहीं दे रहा था जिससे कार स्वीप्ट ट्रैक्टर में टकरा गया टकरा गया। पुलिस ने बीरेन्द्र चंद्रवंशी के रिपोर्ट पर ट्राली क्रमांक सीजी 07, डी, 0588 के अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इसी तरह एक हादसा कवर्धा शहर से लगे लालपुर रोड में हुआ है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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