चिल्फीघाटी (नईदुनिया न्यूज)। वनांचल आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत बेंदा में स्थित शिव मंदिर जो भोरमदेव का आधा हिस्सा है, जहां पर भोरमदेव राजा के द्वारा बनाया गया खंडहर मंदिर में शिवलिंग है। यह लोगों की आस्था का केंद्र है। वहीं पास में ही स्नान करने का कुंड है। उसी कुंड में स्नान कर इस शिवलिंग में प्रतिवर्ष मकर संक्रांति में जल अर्पित कर मेले का आयोजन ग्रामवासियों के द्वारा किया जाता है। आसपास के दूर-दूर से लोग इस कुंड में स्नान कर, दान कर अपने आप को धन्य मानते हैं।

इस वर्ष कोरोना और लगातार बारिश होने के कारण मेले का आयोजन अधूरा रहा। दूरदराज के लोग भी नहीं पहुंच पाए, मेले का आयोजन ग्रामवासी के द्वारा रखा गया, जहां पर यादव लोगों का नृत्य लोगों के मनोरंजन के लिए किया गया। आसपास के छुटपुट व्यापारी भी मेले में आवश्यक सामान लेकर बिक्री के लिए पहुंचे थे, लेकिन मूसलाधार बारिश के चलते मेला सही ढंग से नहीं लग पाया। बारिश के चलते कुछ लोग रास्ते से ही लौटने लगे, तो कुछ लोग छतरी वगैरह साधन बना के वहां स्थित शिव मंदिर एवं गणेश जी की प्रतिमा की पूजा अर्चना करने पहुंचे। यह आयोजन गांव में स्थित रामायण मंडली के सदस्यों के द्वारा प्रतिवर्ष मकर संक्रांति के दिन की जाती हैं। अध्यक्ष शिवदास, उपाध्यक्ष चरण सिंह, सचिव पवन यदु, कोषाध्यक्ष राजाराम यदु, संरक्षक हरीश यदु, संरक्षक टीका लाल एवं सदस्यगण लोकेंद्र यदु, बृजलाल मेरावी, सुदधू सिंह, रमन यदु, शुक्ला सिंह, करण सिंह, टेक सिंह, श्री गडरिया, चंदन सिंह, रमेश सिंह, गयाराम, दयाराम, संतु परतें, महेश, शिवकुमार सहित पूरे ग्रामवासी उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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