कवर्धा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कबीरधाम जिले में पीएम सम्मान निधि योजना का लाभ लेने कई लोगों ने फर्जीवाड़ा किया है। जिले में 9.86 लाख रुपये का बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस योजना का लाभ लेने 493 अपात्र किसानों ने आवेदन किया था। इसके बाद जब विभाग ने जांच की तो गड़बड़ी मिली। ऐसे फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों से विभाग ने 9.86 लाख रुपये की वसूली कर ली। ये ऐसे फर्जी किसान हैं जो बीते दो वर्ष में अलग-अलग किश्तों में राशि लिया है।

विभाग के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत निम्न किसानों को अपात्र किया गया है, जिसमें पति पत्नी में से कोई आयकर दाता हो, मृतक, भूमिहीन और जिन किसानों ने अपनी भूमि बेच दी हो। संवैधानिक पद को धारण करने वाले, दस हजार से अधिक पेंशन पाने वाले पेंशनर्स, सरकारी कर्मचारी ग्रुप डी को छोड़कर, डाक्टर, इंजीनियर, सीए और अधिवक्ता समेत अन्य लोग भी शामिल हैं। इसके बाद भी 493 ऐसे लोगों ने फर्जी तरीके से आवेदन कर योजना का लाभ लिया है। वहीं दूसरी ओर इस गड़बड़ी को देखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा अब फिर से केवाईसी कराया जा रहा है, ताकि अपात्र किसानों को लाभ न मिल सके।

जानिए यह है सम्मान निधि

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में किसानों को हर साल केंद्र सरकार से नकद छह हजार सालाना दिया जाता है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उन्हें सीधे नकद राशि मुहैया कराई जाती है। किसानों को 3 किश्तों में रुपये दी जाती है। हर किश्त में दो हजार रुपये दिए जाते हैं। कबीरधाम जिले में इस योजना अंतर्गत 1.29 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है।

फार्म भरने के दौरान नहीं दिया गया ध्यान

इस बड़े फर्जीवाडे को लेकर विभाग भी कठघरे में है। क्योंकि जब शुरूआत में ही आवेदन भराए गए तो विभाग ने जांच को लेकर ध्यान नहीं दिया गया। यहीं कारण है कि पूरे जिले में 9.86 लाख रुपये फर्जी किसानों ने डाकर लिए। हालांकि अभी ऐसे लोगों से जरूर रुपये सरेंडर कराए जा रहे हैं।

पूर्व में भी प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ जिले के अपात्र किसानों को भी मिलता रहा, तब भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। शुरूआती दिनों में कृषि विभाग के आला अधिकारी से लेकर ग्राउंड लेवल के कर्मचारी तक इसके लिए गंभीर नहीं दिखाई दिए।

जिले में केवाईसी का काम जारी

इधर जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत ई-केवाईसी का काम जारी है। पूर्व में अंतिम तारीख 31 अगस्त थी, जिसे बढ़ाकर 7 सितंबर तक कर दिया गया है। वैसे पूरे जिले में 1.29 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। वर्तमान स्थिति में 1.17 लाख किसानों ने केवाईसी करा लिया है। अभी भी 12 हजार किसानों ने केवाईसी नहीं कराया है।

विभाग को शक है कि इन 12 हजार किसानों में कुछ ऐसे भी लोग हो सकते हैं, जो फर्जी दस्तावेज के सहारे पंजीयन कराए होंगे। हालांकि विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि तय तिथि के बाद शेष बचे कृषक ई-केवाईसी नही कराने की स्थिति में योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं। जिले के किसानों को संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं नजदीकी च्वाइस सेंटर से संपर्क कर ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से करा सकते हैं।

राशि सरेंडर करने की अपील

उपसंचालक कृषि एमडी डडसेना ने कहा कि पीएम सम्मान निधि का लाभ लेने कई प्रकार के नियम बनाए गए हैं। इसके बाद भी करीब 493 लोगों ने फर्जी तरीके से आवेदन कर राशि ले लिया। जांच के दौरान यह बात सामने आई है। ऐसे लोगों से 9.86 लाख रुपये वापसी कराई गई है। अभी भी जांच जारी है। जिन लोगों ने फर्जी तरीके से राशि लिया है, उनसे अपील कर रहे हैं कि जल्द राशि सरेंडर कर दे। नहीं करने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई होगी।

Posted By: Pramod Sahu

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