कवर्धा (नईदुनिया न्यूज)। जिले में इस सीजन के धान खरीदी में फिर से काम आई 70 अनुपात 30 का प्रयोग सफल हुआ है। जिला प्रशासन ने छोटे किसानों से पहले से खरीदी की। ऐसे में जिले में 31 जनवरी से पहले लक्ष्य पूरा होने की संभावना है। वर्तमान समय में तो करीब 80 प्रतिशत तय लक्ष्य तक खरीदी हो चुका है। फिर भी सात फरवरी तक खरीदी जारी रहेगी। खास बात यह है कि इस वर्ष बिना कोई विवाद के खरीदी पूरी होने की ओर है। जिले में बीते दो वर्ष से कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा के विशेष देखरेख में धान खरीदी की गई। जिले में खरीदी को लेकर कोई भी बड़ा विवाद नहीं हुआ। कलेक्टर द्वारा अभी भी समिति प्रभारियों को निर्देशित करते हुए पंजीकृत किसानों को उनके धान बेचने में किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। किसानों को धान बिक्री करने के लिए सरलता और सहजता से टोकन प्राप्त ऐसी व्यवस्था बनाएं। समिति के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में अलग-अलग तिथियों में टोकन के लिए कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराए। उसी के आधार पर किसानों को टोकन जारी करे। छोटे किसानों को प्राथमिकता देते हुए उन्हे टोकन जारी करे।

इस बार चेक पोस्ट बनाकर की निगरानी

वैसे जिले में ग्राम वार धान खरीदी के लिए अलग-अलग दिन निर्धारित कर सुगमता और सहजता से धान खरीदी की गई। अमानक धान की खरीदी नो इसका विशेष ख्याल रखा गया। जिले में राज्य की अंतिम सीमावर्ती में चेक पोस्ट बनाया गया। पड़ोसी राज्यों से आने वाले धान के अवैध परिवहनों पर कड़ी निगरानी रखी गई। सभी चेक पोस्ट पर कर्मचारी की तैनाती सुनिश्चित की गई थी। इस वर्ष दूसरे प्रदेशों के धान आने की शिकायत न के बराबर मिली।

इस बार बंफर पैदावार

जिले में इस वर्ष धान के फसलों के किसानों को फायदा हुआ है। हालांकि बीमारी की वजह से पिछले साल की तुलना में पैदावार थोड़ी कम हुई, फिर भी बंफर पैदावार हुई है। अभी भी जिले के सभी 102 धान खरीदी उपार्जन केंद्रों में शांति पूर्ण व सुचारू रूप से धान खरीदी की जा रही है। जिले में कुल पंजीकृत किसानों 115029 से 44 लाख 89490 क्विंटल की खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। जिले में इस वर्ष कुल करबा 112395 हैक्टेयर है। पिछले वर्ष की तुलना में धान का रकबा में बढौतरी का प्रतिशत 1.95 प्रतिशत है।

शिकायतों के निराकरण के लिए बना था जिला स्तरीय कंट्रोल रूम

कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने धान खरीदी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्था स्थापित करने तथा धान विक्रय करने वाले कृषकों की विभिन्न शिकायतों के निराकरण के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। शुरूआती दिनों में बारदाना की संकट जरूर रहीं। लेकिन अब बारदाना की समस्या एक भी नहीं है। अब तो किसानों से एक भी बारदाने नहीं लिए जा रहे हैं। सभी समिति में ही बारदाना उपलब्ध है। इसके अलावा धान खरीदी के दौरान पंजीयन, टोकन एवं बारदाना आदि समस्याओं के निदान के लिए तहसीलवार प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local