कवर्धा । वर्षा के पानी के बचाव को लेकर वाटर हार्वेस्टिंग को शासन द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है लेकिन फिल्ड पर इसकी स्थिति ठीक नहीं है। खुद सरकारी कार्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग के नियम का पालन नहीं हो रहा है। हर साल वर्षा का पानी बह जाता है। जबकि शहर के भीतर व सरकारी कार्यालय के भवन निर्माण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग कराना जरूरी है। इसके बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। क्योंकि वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर मानिटरिंग ही नहीं हो रहीं है।

गौरतलब है कि वर्षा के पानी को सुरक्षित करने और इस्तेमाल करने के लिए सरकार की ओर से तमाम कोशिशें की जा रही हैं, जहां जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

लोगों को अपने भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का पाठ पढ़ाया जा रहा है लेकिन कबीरधाम

जिले के ज्यादातर सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम काम नहीं कर रहा है।

इस कारण वर्षा का पानी नाली के माध्यम से नदी तक जा रहा है। इसे रोकने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का उपयोग नहीं किया जा रहा है। यही कारण है कि

कबीरधाम जिले के भू-जल स्तर में लगातार गिरावट आ रही है। कई सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तो लगाया गया है, लेकिन उनकी कनेक्टिविटी ही फेल है। जिसके चलते जो वर्षा का पानी जमीन के अंदर जाना चाहिए, वो ऊपर ही बहकर बर्बाद हो रहा है।

स्कूली बच्चों ने जाना समाचार पत्र का महत्व

बरबसपुर । साक्षर भारत कार्यक्रम के अनुदेशक विजय कुमार कोशले ने विकासखंड कवर्धा के अंतर्गत ग्राम सारंगपुर खुर्द के प्राथमिक स्कूल में स्कूली बच्चों को समाचार के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन समाचार पढ़ने से सभी प्रकार की सामान्य ज्ञान की तैयारी व भाषा शैली की जानकारी तथा ज्ञान बुद्घि में नई-नई परिवर्तन आता है। प्रतिदिन समाचार पढ़ते रहना चाहिए, ताकि देश विदेश की जानकारी भी हो सके। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के क्षेत्र में अच्छे प्रदर्शन करना चाहिए ताकि ऊंचाई तक पहुंच कर मंजिल मिल सके। जो नौनिहाल बच्चे आज के युग में प्रतिदिन अखबार पढ़ता है तो वही बच्चे भविष्य में उच्च अधिकारी बन सकते हैं। इस प्रकार का संज्ञान पालकों व हर गांव के नागरिकों को लेने की आवश्यकता है। इस अवसर पर संतोष सिंह ठाकुर, प्रधान पाठक, दुर्गा प्रसाद चंद्रवंशी, रामविलास वर्मा भोज राम वर्मा, शिक्षिकाएं जानकीबाई प्रधान पाठक और शिक्षक इत्यादि उपस्थित रहे।

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