कवर्धा। जिले में फिर से मौसम का मिजाज बदल गया है। एक दिन पहले तक जहां ठंड थी और लोग ठंडी से कंपकंपा रहे थे, वहां अब गर्म तासीर आ गई है। जिले में लगभग सभी जगहों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहा, वहीं अधिकतम पारा भी सामान्य से अधिक हो गया है। इसके साथ ही अगले 48 घंटे के भीतर कई इलाके में बारिश के साथ ओले पड़ सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो फसल समेत खरीदी केंद्रों के धान को नुकसान हो सकता है।

रविवार को शहर में दिनभर बादल छाए रहे। अंचल में बारिश हुई है। वहीं कवर्धा शहर में शाम को हल्की बारिश हुई। कवर्धा में अधिकतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। इसी तरह न्यूनतम तापमान 14.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है, जो कि सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस ऊपर रहा है। इसकी वजह एक पश्चिमी विक्षोभ को माना जा रहा है। आने वाले दिनों में फिर से बारिश की संभावना है। इस कारण कबीरधाम जिले में मौसम में बदलाव आया है।

इस कारण बदला है मौसम

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक यह विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान के ऊपर मध्य और ऊपरी वायुमंडल में स्थित है। इसके प्रभाव से दक्षिण- पश्चिम राजस्थान और उससे लगे पाकिस्तान के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा बना हुआ है। इसके कारण अरब सागर से पर्याप्त मात्रा में क्षोभ मंडल के निम्न स्तर और मध्य स्तर पर नमी आ रही है, जबकि बंगाल की खाड़ी से क्षोभ मंडल के निम्न स्तर पर काफी मात्रा में नमी आ रही है। इस ऊपरी हवा के चक्रीय चक्रवाती घेरे का पूर्व की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इन सब परिस्थितियों के कारण प्रदेश में रविवार को कुछ स्थान पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छीटे पड़ सकते हैं। डूमरबहार जशपुर में 10.6 डिग्री सेल्सियस सबसे कम न्यूनतम तापमान रिकार्ड किया गया है।

आज बारिश की संभावना

10 जनवरी को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छीटे पड़ सकते हैं। 10 जनवरी को प्रदेश में अरब सागर से आने वाली हवाओं और बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाओं का सम्मिलन क्षेत्र मध्य भारत रहने के कारण एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ ओले गिर सकते हैं। इस दिन अधिकतम तापमान में बादल छाए रहने के कारण सार्थक गिरावट होने की भी संभावना है। जिले में इसका असर होगा।

उद्यानिकी फसल को सबसे ज्यादा नुकसान

बेमौसम बारिश से उद्यानिकी किसानों को नुकसान होगा। तिवरा (लाखड़ी), अरहर, सरसों, मटर समेत सब्जी की फसल बाड़ियों में लगी है। किसानों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश से फसल को नुकसान होगा। जिले में करीब 12 हजार हेक्टेयर में उद्यानिकी की फसल किसान का उत्पादन करते हैं। ऐसे में सब्जी के सीजन में बारिश होने से ज्यादा नुकसान हुआ है। बीते दिन हुई बारिश के कारण सबसे ज्यादा केले के पौधे गिर गए हैं। वहीं पपीते के पौधे भी झुक गए हैं। इसके अलावा टमाटर, भाजी, भिंडी, करेला समेत सभी तरह के सब्जियों को काफी नुकसान हुआ था।

मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे

एक बार फिर रविवार सुबह से बादल का बरबसपुर क्षेत्र में जमावड़ा रहा। साथ ही कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी हुई। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले समय में बारिश की आशंका बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। फिलहाल जिले के आसमान में हल्के बादल छाए हुए हैं और मौसम अभी शुष्क होने के कारण से ग्रामीण क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। कोरोना संक्रमण के बीच बदलते मौसम के कारण संक्रमण पीड़ितों की संख्या भी बढ़ गई है। जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों की भीड़ देखने को मिल रही है। वहीं रोजाना जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित 10 से अधिक मरीज मिल रहा है। डाक्टरों का कहना है कि दिन में हल्की गर्मी और रात में कड़ाके के साथ ठंड पड़ रहा है। ऐसे में सावधानी जरूरी है। वर्तमान में सर्दी-जुकाम के वायरस बढ़ रहे हैं। गले में दर्द, बुखार की शिकायत है तो ऐसे में कोरोनावायरस न समझे। बदलते मौसम अक्सर बीमारियां जन्म देती है। डाक्टरों ने भी इस समस्या से निपटने के लिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई है। कहा है कि मास्क का उपयोग करें और सार्वजनिक जगहों पर जाने से बचें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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