कवर्धा (नईदुनिया न्यूज)। जिले में बीते रविवार से मौसम का मिजाज बदला हुआ था। बुधवार को मौसम खुल गया है। इस बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। लेकिन फसल नुकसान सर्वे को लेकर किसानों को इंतजार करना होगा। क्योंकि कृषि विभाग को और भी बारिश होने का अनुमान है। दरअसल आने वाले दिनों में फिर से बारिश हो सकती है। ऐसे में कृषि विभाग आने वाले दिनों में होने वाले बारिश के बाद ही सर्वे के मूड में है। लेकिन इस च-र में किसानों को और भी नुकसान हो सकता है। तब उनके फसल का सही सर्वे नहीं हो पाएगा। दूसरी ओर कृषि विभाग से मिली जानकारी अनुसार जिले में अब तक 900 किसानों ने बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर में फोन कर जानकारी दी है कि उनका फसल को नुकसान हुआ है। इसी प्रकार 750 किसानों ने कृषि विभाग को नुकसान की जानकारी दी है। अब आने वाले दिनों में पुरी तरह से मौसम खुलता है तो सर्वे का काम शुरू होगा। यहां पर बताना लाजमी है कि जिले में रबी सीजन में 22783 किसानों ने 32104 हेक्टेयर रकबा में गेहूं और चना का बीमा कराया है।

दर्जनों गांवों में गिरे ओले

बोड़ला विकासखंड के बो-रखार, शंभूपीपर, राजाधार, चिल्फी, बेलापानी, महलीघाट कुंडपानी, आमापानी, सुकझर, बंनगौरा, दलदली सहित दर्जनों गांवों में मंगलवार को जमकर ओले गिरे। वनांचल क्षेत्र में हो रहे जमकर बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। सरसों, चना, मटर, राहर के अलावा सब्जियों की फसल को भारी क्षति पहुंची है। इनमें ग्राम शम्भूपीपर के किसान सुरेश धुर्वे व भगत सिंह ने बताया अचानक आई बारिश से वनांचल के फसलों पर काफी असर पड़ा है। धान की कटाई के बाद वनांचल क्षेत्रों में अक्सर चना, राहर व मटर की फसल लगाई जाती है। लगातार चार दिन से हो रही बारिश के चलते और ओलावृष्टि होने के कारण इन क्षेत्रों में फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। इसी तरह दलदली के किशोर यादव, ग्राम बेंदा के हरीश यादव, लालाराम, बिरजू आदि ने बताया कि चिल्फीघाटी क्षेत्र में लगातार चार दिनों से बारिश हो रही है मंगलवार को जमकर बारिश हुई और ओलावृष्टि हुई जिससे क्षेत्र में लगे फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। जिसे लेकर किसानो ने नुकसान को लेकर मुआवजे की मांग की है। मंगलवार को वनांचल क्षेत्रों में ओला गिरने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा बुधवार को जिले में घरे कोहरे छाए रहे। इस कारण फसल को नुकसान होगा। ऐसे में किसानों को सर्वे के बाद जल्द से जल्द मुआवजा राशि मिलने का इंतजार किया जा रहा है।

सब्जी और दलहन की फसलें खराब

किसानों के अनुसार गेंहू को छोड़कर सभी फसलों को नुकसान है। चना, तिवरा, मटर, अलसी, मसूर, सरसों और देरी से बोए गए अरहर की फसल, जिसमें अभी फूल आने की स्थिति है, उसे नुकसान होगा। सब्जियों और भाजियों को भी नुकसान होगी। इसका उत्पादन और गुणवत्ता दोनों को नुकसान होगा। इसमें गोभी और टमाटर की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ेगा। बादलों के छाए रहने से फसलों में कीट का प्रकोप भी बढ़ सकता है। कबीरधाम जिले में सबसे ज्यादा उद्यानिकी की फसल सहसपुर लोहारा ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्र में ली जाती है। वैसे पुरे जिले में उद्यानिकी की फसल करीब 12 हजार हेक्टेयर में लिया जा रहा है।

सब्जी के बढ़ रहे दाम

लगातार हुई बारिश का असर सबसे अधिक सब्जियों पर पड़ा है। आमद कम होने से सब्जियों के दाम में भी इजाफा हुआ है। उधर, खेतों में बारिश का पानी खड़ा होने से सब्जियों को तोड़ने का काम भी थम गया है। सब्जियों की आमद कम होने के कारण व्यापारियों ने भी इसके रेट में इजाफा कर दिया। बारिश से पहले 20 रुपये किलो सब्जी बिक रही थी, लेकिन बारिश के बाद सब्जी 30 रुपये किलो में बिक रही है। हालांकि बुधवार से धूप खिली रहने से जनजीवन फिर से पटरी पर लौट चुका है। मगर जब तक खेतों में पानी सूख नहीं जाता, तब तक सब्जियों के दाम में इजाफा रहेगा। एक सप्ताह तक राहत मिलना मुश्किल है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local