कवर्धा। कबीरधाम जिला पुलिस विभाग द्वारा वर्ष 2017 से युवाओं को पुलिस सेवा से जोड़ने के लिए पुलिस अधीक्षक डा.लाल उमेद सिंह के द्वारा अभियान शुरू कर निश्शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें अब तक करीब 500 से अधिक युवाओं को नौकरी मिल चुकी है। खास बात यह है कि फोर्स एकेडमी में भर्ती के लिए जिन युवाओं ने तैयारी की उन्हें नौकरी भी मिली। वहीं युवा जहां ट्रेनिंग लिए हैं, वहां का टापर बन रहे हैं। फोर्स एकेडमी के 250 से अधिक बच्चों का चयन पुलिस विभाग के लिए हुआ है। जिन युवाओ की ट्रेनिंग पुरी हो चुकी है, ऐसे युवा ने शुक्रवार को रायपुर के माना पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र से पास आउट किया है। इस प्रशिक्षण में कबीरधाम जिले के युवाओं ने बाजी मारी है। जिले के राम कुमार ने आंतकवाद विषय पर टाप किया है।

डा.लाल उमेंद सिंह, एसपी, कबीरधाम ने कहा है कि यह देखकर बेहद खुशी हो रही है कि कवर्धा के युवावर्ग जागरूक हैं। देश की सेवा करने तैयारी कर रहे हैं। वर्तमान में जिन युवाओं को नौकरी मिली है, वे प्रशिक्षण लेकर वापस आ गए हैं। इनका बीते वर्ष 2021 में चयन हुआ है। अभी भी कई युवा आने वाले भर्ती परीक्षा को लेकर तैयारी कर रहे हैं। सभी युवाओं से अपील है कि मेहनत करें और अपना अच्छा भविष्य सुनिश्चित करें।

पास आउट कार्यक्रम व 9 माह की कड़ी प्रशिक्षण लेने के बाद शनिवार को सभी युवा कवर्धा आ गए हैं। वर्दी पहन कर पहुंचे सभी युवा को एसपी सम्मान किया। उन्होंने अन्य युवाओं को बेहतर पुलिसिंग की जानकारी दी। खास बात यह भी है कि शनिवार को एसपी डा.लाल उमेंद सिंह का जन्म दिन था। ऐसे में फोर्स एकेडमी परिसर में एसपी का जन्मदिन मनाया गया। इस मौके पर पौधरोपण किया गया। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर रावटे, उप पुलिस अधीक्षक जगदीश उइके, पानिक राम कुजूर, जय सिंह मेरावी, मोनिका परिहार, कौशल किशोर वासनिक, पंकज पटेल, संजय मेरावी, आरआइ महेश्वर सिंह, स्टेनो युवराज आसटकर, आरक्षक दशरथ साहू अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

अधिकतर जिलों में है फोर्स एकेडमी के युवा

पुलिस अधीक्षक कबीरधाम डा. लाल उमेंद सिंह के मार्गदर्शन में यह पहल किया जा रहा है। पुलिस विभाग सुरक्षा के साथ-साथ सामुदायिक पुलिसिंग के तहत विभिन्ना कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है, उनमें से एक फोर्स एकेडमी भी है। फोर्स एकेडमी में 500 से अधिक जिले के युवक-युवतियों को छत्तीसगढ़ पुलिस बल, सीएफ, सीआरपीएफ, आर्मी, समेत विभिन्ना भर्ती के लिए निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यही कारण है कि इस प्रशिक्षण के बाद कई युवाओं की नौकरी लगी है। खास बात यह है कि प्रदेश के अधिकतर जिले में इसी एकेडमी से ही प्रशिक्षण लिए युवाओं को नौकरी मिली है, जो कि वर्तमान में पुलिस प्रशिक्षण पूरा कर वापस आए हैं।

लड़कियां भी पीछे नहीं, इन्हे भी फोर्स एकेडमी ने तैयार किया

दूसरी ओर पुलिस विभाग में आरक्षक बने युवाओं में करीब 80 से अधिक युवतियां भी है जो शनिवार को वापस प्रशिक्षण लेकर आई हैं। इन छात्राओं को फिजिकल ट्रेंनिंग के साथ ही अध्ययन भी कराया जाता है। इन सभी प्रशिक्षण पुलिस विभाग के कर्मचारियो के देखरेख में किया जाता है। सुबह और शाम युवक-युवतियों को करपात्री स्टेडियम ग्राउंड में ट्रेनिंग दिया जाता है और दोपहर में पुराने पुलिस लाइन के फोर्स एकेडमी अध्ययन कक्ष में क्लास लगाकर भर्ती के लिए महात्वपूर्ण जानकारी पर अध्ययन कराया जाता है। वर्तमान में जिन लड़कियों ने अपना प्रशिक्षण पूरा किया है, उन्हें पुलिस विभाग के महिला आरक्षक अंकिता गुप्ता ने प्रशिक्षण दिया है। इसी प्रकार लड़कों को प्रशिक्षण आरक्षक दशरथ साहू ने दिया है।

अब मिशन 5 हजार का लक्ष्य

उल्लेखनीय है कि फोर्स एकेडमी की शुरुआत 2017 में वर्तमान पुलिस अधिक्षक डा. लाल उमेंद सिंह द्वारा किया गया था। शुरुआती दौर में मिशन 500 का लक्ष्य था और यही से प्रशिक्षण पाकर 500 से अधिक युवक-युवती पुलिस विभाग और अन्य विभाग में नौकरी पाकर अपना भविष्य बना चुके हैं। फिर 2020 में इसे मिशन 5 हजार कर दिया गया है। पुलिस विभाग द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के तरह फोर्स एकेडमी की शुरुआत जिले के नक्सल क्षेत्र के पढ़े लिखे बेरोजगार युवकों को अपराधिक गतिविधियों से दूर रखने और उन्हें नौकरी के जरिए भविष्य उज्जावल बनाने के उद्देश्य से किया गया था। लेकिन धीरे-धीरे फोर्स एकेडमी में जिले के अलावा अन्य जिलों से भी युवक-युवती शामिल होते जा रहे हैं और निशुल्क प्रशिक्षण ले रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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