कोंडागांव। अक्सर गंभीर बीमारियां होने पर ये बीमारियां इंसान को शारीरिक रूप से परेशान करने के साथ व्यक्ति एवं उसके परिवार को इलाज में होने वाले आर्थिक परेशानियों में भी डाल जाती है। ऐसी परिस्थितियों से लोगों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना प्रारंभ की गयी थी। जिससे गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को आर्थिक समस्या से बचा कर उनको बेहतर उपचार प्रदान किया जा सके। और इसी का लाभ मिला जिले की एक नौ साल की बच्ची नेहल को। नेहल के पिता गिरजानंद ने नम आंखों से कहा कि अगर मुख्यमंत्री न होते तो आज शायद आज नेहल इस दुनिया में न होती उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए बताया कि नेहल को जब से मुख्यमंत्री द्वारा सहायता बात पता चली है वह स्वयं मिलकर उनका आभार व्यक्त करना चाहती है।

दरअसल, सम्बलपुर निवासी किसान गिरजानंद पटेल की नौ वर्षीय बेटी नेहल पटेल जब वर्ष 2019 में चौथी कक्षा में अपने नाना-नानी के साथ रह कर जगदलपुर में पढ़ रही थी, तब अचानक उसकी तबियत खराब रहने लगी। उसे कक्षा में उल्टियां होने के साथ तीव्र बुखार आया करता था। जिसे शिक्षक सामान्य बुखार समझकर दवांइया दे दिया करते थे। जिससे उसे तात्कालिक आराम तो प्राप्त हो जाता था परन्तु बहुत दिनों तक यह क्रम चलने पर 17 जून 2019 को विशाखापटनम घूमने जा रहे उनके नाना-नानी ने वहां उसकी स्वास्थ्य जांच निजी अस्पताल में करवाई। जहां डाक्टरों ने दिमाग में ट्यूमर होने की बात कहते हुए प्रारंभिक जांच कर उसका इलाज किया। जिसके बाद नेहल को कुछ दिनों बाद पुनः परेशानियां होने लगी। वह दर्द के कारण पढ़ नहीं पाती थी एवं दिन-रात दर्द से चिल्लाया करती थी। धीरे-धीरे वह चलने फिरने में भी असमर्थ हो गयी। नेहल की ऐसी दशा देख पिता ने डाक्टरों की सलाह पर वर्ष 2020 में नेहल की जांच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में कराई गई।

ब्रेन कैंसर की पुष्टि

एम्स के चिकित्सकों ने जांच के बाद दिमाग में ट्यूमर के स्थान पर ब्रेन कैंसर की पुष्टि की और यह बात परिजनों को बताई। डाक्टरों ने बताया कि नेहल कैंसर के चौथे स्टेज में है और कैंसर सिर से होते हुए मेरूरज्जू तक फैल रहा है। एम्स में डेढ़ साल तक नेहल का उपचार चलता रहा परंतु नेहल की हालत न सुधरता देख डाक्टरों ने चेन्नई स्थित एक निजी अस्पताल में इसका इलाज संभव होने की जानकारी परिजनों को दी। इलाज में बहुत अधिक खर्च होने की बात जानकर परिजनों ने नेहल को बचा पाने की अपनी उम्मीद भी खो दी थी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उन्हें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत 20 लाख रूपये तक स्वास्थ्य उपचार हेतु सहायता प्राप्त होने के संबंध में जानकारी दी। जिससे उनमें निराशा के अंधेरे में उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दी। जिस पर मार्च 2022 में ग्राम के जनप्रतिनिधि बुधराम नेताम ने उन्हें योजना का लाभ लेने हेतु सहायता करते हुए जगदलपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भेंट मुलाकात कार्यक्रम में जाने के संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री से सहायता हेतु अपील करने को कहा।

25 लाख रूपये की मिली मदद

26 मई 2022 को जगदलपुर में नेहल के पिता ने सीएम से सहायता की अपील की। जहां मुख्यमंत्री द्वारा संवेदनशीलता पूर्वक जल्द से जल्द नेहल की सहायता हेतु स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया। जिस पर तत्परता दिखाते हुए अगले ही दिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के दल द्वारा नेहल के घर पहुंच स्वास्थ्य रिपोर्ट तैयार की गयी। जहां चार जून को लिमदरहा मिडवे में अपने कार्यक्रम के दौरान विधायक मोहन मरकाम ने नेहल की चर्चा पर मुख्यमंत्री ने तुंरत राशि जारी कर नेहल का उपचार प्रारंभ करवाने के निर्देश दिये। त्वरित कार्यवाही करते हुए छह जून को अधिकारियों ने विभागीय कार्यवाही पूर्ण कर 20 लाख रूपये पिता के खाते में अंतरित कर दिये गये। राशि प्राप्त होते ही नेहल के पिता उसे लेकर चेन्नई पहुंचे। जहां प्रारंभिक जांच के उपरांत डाक्टरों ने 28 लाख रूपयों के खर्च होने की बात बतायी जिस पर एक बार फिर नेहल के परिजन आठ लाख रूपयों की कमी को लेकर चिन्तित हो गये। नेहल के स्वजन ने प्रतिनिधि के माध्यम से पुनः मुख्यमंत्री से सहायता की गुहार लगायी। जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा स्वेच्छानुदान से नेहल की सहायता के लिए पांच लाख रूपयों की अतिरिक्त सहायता परिजनों को दी। जिससे परिजनों की चिन्ता दूर हुई। जिसके पश्चात 35 दिन लम्बे चले उपचार के बाद नेहल ने तीन वर्षों बाद कैंसर को हरा दिया और अब पूरी तरह स्वस्थ हो गयी है। जहां स्कूल प्रबंधन एवं शिक्षकों द्वारा नेहल के लिए आनलाइन कक्षाओं का प्रबंध कर दिया गया। जिससे नेहल अब घर में रहकर अपनी पढ़ाई जारी रख पा रही है।

Posted By: Vinita Sinha

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