कोंडागांव (नईदुनिया न्यूज)। राज्यपाल छत्तीसगढ़ शासन अनुसुइया उईके अपने बस्तर प्रवास के दौरान शुक्रवार को कोडागांव पहुंची, जहां नगर के आडिटोरियम में दंडकारण्य भाग के कोंडागांव संच द्वारा आयोजित एकल अभियान सम्मान एवं परिचय कार्यक्रम में शामिल हुई। इस अवसर पर राज्यपाल उईके ने जिले के विभिन्‍न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि शासन के द्वारा अनुसूचित क्षेत्रों के विकास हेतु विभिन्‍न नियम बनाए गए हैं। जिसके द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग को सुरक्षा प्रदान की जाती है। ऐसी अनुसूचित क्षेत्रों में पांचवी अनुसूची के अनुसार ग्राम सभा को विशेष शक्तियां प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाया गया है ताकि वे अपना विकास सांस्कृतिक मूल्यों एवं परंपराओं के साथ कर सके।

उन्होंने कहा कि कुछ अनुसूचित क्षेत्रों के युवा लोगों के बहकावे में आकर भटक जाते थे परंतु एकल अभियान से जुड़े लोगों के द्वारा बिना साधन सुविधाओं के गांव-गांव में शिक्षा के साथ संस्कृति, परंपराओं एवं राष्ट्रीयता की जो प्रेरणा लोगो को प्रदान की जा रही है वो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आदिवासी भूमियों पर विकास कार्यों हेतु भूमि अधिग्रहण के समय शासन को भूमि स्वामियों को शेयर भी प्रदान किया जाना चाहिए ताकि उन्हें भूमि के प्रति अपनत्व बना रहे एवं उससे लाभ भी मिलता रहे।

राज्यपाल उईके ने जादुई दिये की सराहना की

राज्यपाल उईके द्वारा सम्मान समारोह में जिले के टेराकोटा शिल्पकार अशोक चक्रधारी द्वारा बनाए गए 24 घंटे जलने वाले दिये को देखकर इसकी सराहना करते हुए इसे रोजगार के व्यवसायिक रूप देने के लिए इसका प्रशिक्षण अन्य युवाओं को देते हुए इसका प्रचार करने को कहा। इस पर चक्रधारी ने बताया कि इसकी मांग अभी से देश विदेशो में रही है । उन्होंने अपने द्वारा बनाये गये दिए को भी राज्यपाल को भेंट किया।

इस कार्यक्रम में पूर्व महिला बाल विकास मंत्री लता उसेंडी, एकल अभियान से हेमंत पांडेय, रोहित कोडोपी, संगीता पोयाम सहित जिले के जनप्रतिनिधि, एकल विद्यालयों के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Posted By: Pramod Sahu

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