कोंडागांव। भौगोलिक संरचना-प्राकृतिक सुंदरता एवं नैसर्गिक छटा के लिए चर्चित टाटामारी को पर्यावरण चेतना केंद्र के तौर पर विकसित करके प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करने और वन-पर्यावरण पर अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक आदर्श अध्ययन स्थल केंद्र बनाने के सपने को अब वन विभाग वाले ही चौपट करने में लगे हुऐ हैं। शहरी उद्यानों जैसा रुप देने के लिए प्राकृतिक संरचना से छेड़छाड़ कर यहां फूड जोन, प्ले जोन, वनकर्मियों के लिए क्वार्टर, टंकी निर्माण इनफिनिटी पुल आदि गैरवानिकी कार्यों का नियम विरुद्ध निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिससे जैव विविधता प्रभावित हो रही है। वहीं वास करने वाले वन्य प्राणियों, पक्षियों के जीवन को संकट में डालकर उन्हें पलायन करने के लिए विवश किया जा रहा है। यहां निर्माण कार्य के नाम पर पानी की तरह पैसा फूंककर अंधाधुंध काम कराकर शहरी उद्यान का स्वरूप दिया जा रहा है।

वन परिक्षेत्र केशकाल का यह आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 2800 के अंतर्गत आता है, जहां विचरंण करने वाले लकड़बग्घा, भालू, सियार, जंगली सूअर तथा खरगोश, हिरन और पक्षियों को अब यां से पलायन करना पड़ रहा है। वन्य प्राणियों व जीव जंतुओं एवं पक्षियों के बसेरे को छिनकर उनकी जगह आधुनिकता लाने का प्रयास किया जा रहा है जिससे क्षेत्र के लोगों मे आक्रोश देखा जा रहा है। पक्का निर्माण कार्य कराने एवं गार्डन सजाने के नाम से अलग-अलग प्रोजेक्ट बनाकर धनराशि स्वीकृत कराकर नियम कानून एवं मापदंड को दरकिनार रखकर सप्लायर, निर्माणकर्ता से साठगांठ करके स्वीकृत धनराशि का जमकर बंदरबाट करने का काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री के आगमन के नाम से आन फानन में हो रहा कार्य

इसी सप्ताह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के केशकाल आने और टाटामारी में विश्राम करने की खबर मिलते ही टाटामारी में अंधाधुंध ढंग से तोड़फोड़, खुदाई, मिट्टी भराई का काम बगैर किसी प्राक्लन एवं स्वीकृति के आरंभ कर दिया गया है जिसे देखने अब टाटामारी पंहुचने वालों की भीड़ लगने लगी है। टाटामारी तक पंहुचने के लिए लोक निर्माण विभाग ने देखते ही देखते सडकों पर डामरीकरण करके चकाचक कर दिया। वन विभाग वालों ने सड़क के किनारे सड़क से दूर खड़े बीजा के विशालकाय पेड़ को कटवा दिया। दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग के डामरीकृत सड़क से जुड़े टाटामारी पहुंच मार्ग पर बहुत पहले से स्वीकृत पड़े कांक्रीट सड़क का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं कराया है। जिसे देखकर लोग यह सवाल करने लगे हैं की आखिर वन विभाग अपने क्षेत्र में आने वाले कच्चे मार्ग पर सड़क कब बनवाएगी, जबकि मार्ग की हालत बहुत जर्जर हो चुकी है।

केशकाल के पूर्व विधायक कृष्ण कुमार ध्रुव ने मुख्य वन संरक्षक एवं प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि केशकाल वन परिक्षेत्र के आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 2800 के अंतर्गत आने वाले पर्यावरण चेतना केंद्र टाटामारी में काफी समय से निर्माण कार्य चल रहा है। जिसका क्षेत्र में जैव विविधता नैसर्गिक वनस्पति एवं वन्य प्राणियों पर इसका व्यापक असर पड़ रहा है। आरक्षित वन कक्ष के अंतर्गत आने वाले पर्यावरण चेतना केंद्र टाटामारी में गैर वानिकी निर्माण कार्य तथा जिला खनिज न्यास निधि से स्वीकृत पानी टंकी निर्माण, फूड जोन, प्ले जोन, स्टाफ क्वार्टर, इंफिनिटी पुल, वाच टावर आदि अनेक निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं जो पूर्णतया नियम विरुद्ध हैं।

सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दिया गया है : रेंजर

वन परिक्षेत्राधिकारी केशकाल मुनीर खान ने बताया कि पूर्व विधायक के द्वारा शिकायत किये जाने के बाद जिला कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लिया तथा सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दिया गया है। अब यहां किसी तरह का निर्माण कार्य नहीं चल रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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