कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिला मेडिकल कालेज में अनुबंध पर पदस्थ 13 चिकित्सक वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। इनमें जनरल फिजियन के अलावा चार सर्जन चिकित्सक भी शामिल हैं। हड़ताली चिकित्सकों के कार्यभार को अन्य चिकित्सकों को दिया गया है। दोहरा प्रभार होने के कारण अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को समय पर इलाज सुविधा नहीं मिल रही।

जिला मेडिकल कालेज के अस्तित्व में आने के बाद जिला अस्पताल विविध रोगों के इलाज की सुविधा भी बढ़ी है। बीमारी का समाधान कराने के लिए दूर-दराज से मरीज अस्पताल आ रहे है लेकिन बीते चार दिनों से अस्पताल में नियमित इलाज की सुविधा चरमरा गई है। अस्पताल में प्रतिदिन प्रसव के 20 से भी अधिक मामले आते हैं। इसके लिए चार चिकित्सक नियुक्त किए गए हैं। इनमें से दो चिकित्सक के हड़ताल पर चले जाने प्रसव का दायित्व दो चिकित्सकों पर ही आ गया है। आपात कालीन सर्जन की स्थिति में सामान्य प्रसव को जनरल फिजिशियन व नर्स के भरोसे ही छोड़ना पड़ रहा है। इसी तरह हड्डी, नेत्र विभाग में दो-दो चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है ताकि मरीजों को वापस न लौटना पड़े। एक्सरे कक्ष में अलग से चिकित्सक की ड्यूटी तय की गई, लेकिन हड़ताल पर चले जाने से व्यवस्था बिगड़ गई है। सामान्य और सिजेरियन मरीजों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए तीन-तीन चिकित्सक की नियुक्ति की गई है। इनमें तीन चिकित्सक हड़ताल पर चले गए हैं। ऐसे में शेष तीन चिकित्सकों को ही प्रभार संभालना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में इलाज सुविधा के लिए सुबह से ही मरीजों की भीड़ बढ़ जाती। पंजीयन के आधार पर चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर मरीजों की समस्या को दोपहर दो बजे तक निराकृत कर लिया जाता था। हड़ताली चिकित्सकों के कारण मरीजों को इलाज के लिए दूसरे दिन आना पड़ रहा है। जिला मेडिकल कालेज के डीन डा. अविनाश मेश्राम का कहना है कि हड़ताली चिकित्सकों कार्यभारी को अन्य जनरल फिजिशिन व सर्जन को दिया गया है। स्वास्थ्य सुविधा देने में किसी तरह की समस्या नहीं है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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