कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। एक सामाजिक समारोह महुआ तिहार में बकरा-भात खाने से 18 ग्रामीण बीमार हो गए हैं। इसक सूचना मिलने पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी सीएमएचओ स्वास्थ्य अमले के साथ गांव पहुंचे और शिविर लगा कर जांच की गई। उल्टी दस्त से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

पोड़ी उपरोड़ा विकास खंड के अंतर्गत आने वाले आमाटिकरा गांव के देवमट्टी मोहल्ला में निवासरत गुलाब मरकाम के घर बकरा-भात का आयोजन सोमवार को किया था। इस दौरान आठ बकरा काटा गया था। इसमें करीब 150 गोड़ आदिवासी शामिल हुए थे। जिसमें कोरबा का अलावा कोरिया जिला के सीमावर्ती गांव के भी ग्रामीण थे। बताया जा रहा है कि समारोह के दौरान बकरा- भात भी ग्रामीणों को परोसा गया था। जिसके सेवन से ग्रामीणों को उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी। धनवार व यादव मोहल्ला में रहने वाले ग्रामीण पर इसका असर पहले हुआ। देखते ही देखते कई ग्रामीण इसकी चपेट में आ गए।

गांव के सरपंच पति बाबूलाल को इससे अवगत कराया गया और उसके बाद क्षेत्र केविधायक मोहितराम केरकेट्टा को इसकी जानकारी दी गई। गुरूवार को सीएमएचओ डा बीबी बोर्डे व पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम नंदजी पांडेय स्वास्थ्य कर्मियों की टीम के साथ आमाटिकरा गांव पहुंचे। यहां स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। गांव के लोगों को खानपान में सावधानी बरतने व वर्षाकाल की वजह से जनजानित बीमारियों से अवगत कराया।

जांच के दौरान उल्टी दस्त होने की वजह से आठ ग्रामीणों को जटगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एंबुलेंस से भेजा गया। वहीं आठ अन्य ग्रामीणों को पोड़ीउपरोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। एक चार साल के बच्चे को कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेष केयर यूनिट में रखा गया है। चिकित्सकों ने सभी की हालत खतरे से बाहर बताया है।

एक युवक की मौत, सीएमएचओ ने कहाः इसकी पुष्टि नहीं

कुछ ग्रामीणों का कहना है कि आमाटिकरा से लगे बेतलो गांव में रहने वाले उल्टी दस्त से पीड़ित 24 वर्ष के एक युवक की मौत बुधवार को हो गई।उसका अंतिम संस्कार भी गांव लोगों ने उसी दिन कर दिया।इधर सूचना मिलने के बाद इस क्षेत्र का दौरा कर वापस लौटे सीएमएचओ डा बोर्डे का कहना है कि उल्टी दस्त की वजह से मौत होने की जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।

यह मामला डायरिया का नहीं बल्कि विषाक्त भोजन खाने की वजह से फूड पाइजनिंग की घटना है। फिलहाल गांव में शिविर लगा कर उपचार किया जा रहा। साथ ही एक एंबुलेंस गांव में उपलब्ध कराया गया है। ताकि किसी भी ग्रामीण को उल्टी दस्त की शिकायत होने पर तत्काल अस्पताल भेजा जा सके।

Posted By: Nai Dunia News Network

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