कोरबा korba news। शहर के आईटीआई औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र में प्रवेश के लिए तीन बार अवसर दिए जाने के बावजूद 218 में 23 सीट खाली रह गए हैं। खाली ट्रेड में कोपा, डीजल मैकेनिक, वायरमेन, फीटर आदि शामिल है। संस्थान में संसाधन की कमी और कोरोना काल के कारण पर्याप्त अभ्यर्थी नहीं मिलने सेे प्रवेश तिथि को बढ़ाने की नौबत आई। प्रवेश की प्रक्रिया जारी रहने से शैक्षणिक सत्र की शुरूआत अभी तक नहीं हुई है। ऐसे में तकनीकी शिक्षा के लिए केंद्रों प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राएं हलाकान हैं।

शहर में संचालित आईटीआई केंद्र में 12 ट्रेड संचालित हैं। इस वर्ष मायनिंग टूल्स रिपेयरिंग ट्रेड को बढाने की मांग शासन से की गई थी, जिसकी अनुमति नहीं मिली। कालरी क्षेत्र होने से माइनिंग टूल्स रिपेयरिंग जैसे ट्रेड की आवश्यकता है। यह ट्रेड जिला में ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ में भी नही है। परंपरागत ट्रेड जारी रखने और उसमें भी संसाधन जा से प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या घटने लगी है। कोरोना काल के चलते इस बार भर्ती प्रक्रिया देर से शुरू हुई है।

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षकों की भी कमी है। नियमित पदस्थापना नही होने के कारण संविदा प्रशिक्षकों के भरोसे कक्षाएं संचालित है। कोपा जैसे ट्रेड के लिये सीट संख्या बढ़ा तो दी गई है लेकिन प्रशिक्षकों की भर्ती नही की गई है। औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र रामपुर के प्राचार्य अब्बास अली का कहना है कि संस्थान में अभी भी कुछ सीट खाली हैं। नए ट्रेड माइनिंग टूल्स रिपेयरिंग की मांग की गई थी, जो इस साल भी स्वीकृत नही हुई।

ठहरने के लिए नही छात्रावास की सुविधा

शहर के औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र दाखिल लेने वाले छात्र छात्राओं के ठहरने के लिए छात्रावास की सुविधा नहीं है। 60 साल पहले निर्मित छात्रावास जर्जर हो चुका है। मरम्मत के अभाव में उपयोग हीन साबित हो रहा। लोक निर्माण विभाग के भवन में औद्योगिक संस्थान का संचालन हो रहा लेकिन विभाग को तकनीकी संस्थान से मद उपलब्ध नही होने से वह सुधार में असमर्थ है।

छह औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र का हो रहा संचालन

जिले में छह सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र का संचालन हो रहा है। इनमे कोरबा में दो और अन्य चार ब्लाक में एक एक केंद्र शामिल हैं। वनांचल क्षेत्र में संचालित होने वाले केंद्रों में भी संसाधनों का अभाव है। कटघोरा के चोरभट्ठी में केवल कोपा ट्रेड का संचालन हो रहा। पर्याप्त रेड नही होने के छात्र छात्राओं को एड्मिसन के लिए शहर के प्रशिक्षण केंद्र की दौड़ लगानी पड़ती है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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