कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोल इंडिया के अधिकारी के निधन होने पर यदि उनके आश्रित अनुंकपा नियुक्ति नहीं लेते हैं तो अधिकारी के आश्रित को अब 40 हजार रूपये मासिक (मंथली मोनेटरी कंपनसेशन) मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा का प्राविधान पहले भी था, तब यह राशि 16,400 रुपये निर्धारित थी। आश्रित के 60 वर्ष के उम्र तक मुआवजा प्रदान किया जाता था, पर अब दिवंगत अधिकारी के शेष बचे सेवानिवृत काल तक ही प्रदान किया जाएगा।

अधिकारियों के निधन पर नौकरी नहीं लेने की स्थिति में अधिकारियों के सबसे नीचे इ-वन ग्रेड का बेसिक भुगतान आश्रित को किया जाता था। कोयला अधिकारियों के नए वेतनमान में बढ़ोत्तरी के आधार पर आश्रितों का मासिक मुआवजा भी बढ़ाए जाने का निर्णय लिया गया है। एक जनवरी 2017 को कोयला अधिकारियों का तृतीय वेतनमान पुनरीक्षित लागू किया गया। इस योजना का लाभ उसी अवधि से मिलेगा। पूर्व से मासिक मुआवजा राशि प्राप्त कर रहे आश्रितों को एरियर्स के रूप में भुगतान किया जाएगा। शेष बचे सर्विस अवधि तक ही आश्रित को मुआवजा मिल सकेगा। कोल इंडिया के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की मुख्यालय कोलकाता में हुई बैठक में इस पर मुहर लगी। साउथ इस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) समेत कोल इंडिया के सभी संबद्ध कंपनियों को यह प्रपत्र महाप्रबंधक श्रमशक्ति एवं औद्योगिक संबंध अजय कुमार चौधरी ने जारी कर आदेश को लागू करने कहा है। नए वेतनमान के अनुसार मासिक मुआवजा को संशोधित नहीं किया गया था, अब तक पुराने आदेश पर ही भुगतान किया जा रहा था।

कोल इंडिया में 15 हजार से अधिक अधिकारी

इस मामले को कोल माइंस आफिसर्स एसोसियेशन (सीएमओएआई) की ओर से लगातार कोल इंडिया प्रबंधन के समक्ष रखा जा रहा था। अब जाकर कोल इंडिया ने वेतन पुनरीक्षण के अनुसार मासिक मुआवजा को भी संशोधित करने का आदेश जारी किया है। कंपनी में वर्तमान में 15,500 अधिकारी कार्यरत हैं। इसके पहले कर्मचारियों के मासिक मुआवजा में भी केटेगरी वन ग्रेड के बेसिक के आधार पर वृद्धि की जा चुकी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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