हरदीबाजार (नईदुनिया न्यूज)। नैक (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) की राष्ट्रीय टीम द्वारा शासकीय ग्राम्य भारती महाविद्यालय हरदीबाजार का निरीक्षण परीक्षण किया गया। टीम में विशेषज्ञ के रूप डा गुरदीप सिंह पूर्व वाइस चांसलर विनोबा भावे विवि हजारीबाग, प्रोफेसर आइआइटी धनबाद डा इंद्रनिल आचार्य प्रोफेसर विद्या सागर विवि मेदनीपुर, डा चंद्रशेखरन सेवानिवृत्त प्राचार्य कंडास्वामी विवि सम्मिलित रहे।

महाविद्यालय के संस्थापक बोधराम कंवर, प्राचार्य डा टीडी वैष्णव, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष व विधायक पुरुषोत्तम कंवर, आइक्यूएसी प्रभारी डा केके दुबे, प्रभारी अखिलेश पांडे ने टीम का स्वागत किया। लोक नर्तक दल ने पारंपरिक गायन वादन व नृत्य करते हुए स्वागत द्वार से महाविद्यालय परिसर तक टीम को लाया गया। तत्पश्चात मां सरस्वती की पूजा अर्चना के बाद निरीक्षण आरंभ किया गया। किसी भी महाविद्यालय को यूजीसी से मिलने वाला अनुदान अब नैक मूल्यांकन के उपरांत ही प्राप्त हो सकेगा। इसी क्रम में दो दिवसीय निरीक्षण के दौरान टीम ने बिंदुवार पिछले पांच वर्षों की शैक्षिक, सामाजिक,सांस्कृतिक एवं खेलकूद गतिविधियों का जायजा लिया। शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण के दौरान किए गए नवाचार आदि का निरीक्षण किया गया। कंप्यूटर साइंस विभाग के सहायक प्राध्यापक मनोज बर्वे के स्वयं के वेबसाइट से शिक्षण कार्य को अच्छा प्रतिसाद मिला।

वनस्पति विभाग की बाटनिकल गार्डन , रसायन शास्त्र विभाग के दो माइनर प्रोजेक्ट को नैक की टीम ने सराहा। महाविद्यालय में आइसीटी शिक्षण, वर्मी कंपोस्ट, वाटर हार्वेस्टिंग, एनएसएस गतिविधियों में रक्तदान शिविर, गोद ग्राम के विकास के लिए भी टीम ने महाविद्यालय को प्रोत्साहित किया। टीम ने ग्रंथालय का शीघ्र डिजिटलाइजेशन करने कहा। क्रीड़ा विभाग की गतिविधियों, मैदान और सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। नैक टीम ने बहुत सी कमियों को प्राचार्य के सामने रखा। प्राचार्य ने बताया कि महाविद्यालय कोयला अधिग्रहण क्षेत्र में आने के कारण भविष्य में नवीन भवन में जाने वाला है, इसके लिए एसईसीएल ने प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इस कारण भी बहुत सी कमियों को हम दूर नहीं कर पा रहे हैं। अधिग्रहण क्षेत्र होने के कारण यहां निर्माण कार्य में प्रतिबंध है। महाविद्यालय नैक मूल्यांकन टीम ने जनभागीदारी समिति , भूतपूर्व छात्र समिति, पालक समिति एवं छात्र परिषद के साथ बैठक की। सभी समितियों से महाविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और कमियों के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।

छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक रूप से धनी राज्य डा गुरदीप सिंह

महाविद्यालय के छात्रों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम को देखने के बाद डा गुरदीप सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक रूप से धनी राज्य है। यहां हर त्यौहार के लिए अपने अपने गीत और नृत्य हैं। यह विशेषता छत्तीसगढ़ को विशिष्ट बनाती है। सांस्कृतिक और पारंपरिक जीवन मूल्यों को सहेजने की आवश्यकता है जिसे आप हम और हमारे महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा ही संभव हो सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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