कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रोजगार की मांग लेकर खदान बंद कराने पर पुलिस ने चार ग्रामीणों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार कर लिया। इससे नाराज ग्रामीणों ने कुसमुंडा खदान में नियोजित ठेका कंपनी का काम बंद कर दिया। मिट्टी उत्खनन व कोयला निकासी का काम बंद हो गया। बिना सूचना दिए तीन घंटे चले आंदोलन के बाद पुलिस ने स्थल पर पहुंच कर दो टूक कहा कि खदान में कामकाज प्रभावित होने पर अपराध पंजीबद्ध किया जाएगा। इसलिए भारी वाहनों के रास्ता खाली कर दें। इसके बाद ग्रामीण रास्ता खाली कर किनारे बैठ गए।

साउथ इस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की कुसमुंडा खदान से प्रभावित ग्रामीण बार- बार आंदोलन का रास्ता अपना रहे हैं। इससे खदान का कामकाज प्रभावित हो रहा है। पिछले दिनों से ग्रामीणों ने आंदोलन कर खदान में नियोजित नीलकंठ कंपनी का काम बंद कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने आंदोलन करने वाले पाली ग्राम के चार प्रभावितों के विरूद्ध मामला दर्ज किया और गिरफ्तार जेल भेज दिया था। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ गई। सोमवार को सुबह नौ बजे ग्राम पाली, पड़निया, जटराज, सोनपुरी समेत आसपास के ग्रामीणों ने बिना पूर्व सूचना खदान में उतर कर नीलकंठ कंपनी का काम बंद करा दिया और धरना में बैठ गए। इसके साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही रूक गई। जानकारी मिलने पर कुसमुंडा पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश दी, पर ग्रामीण अड़े रहे। थोड़ी देर बाद एसडीएम कौशल प्रसाद तेंदुलकर व एसईसीएल के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश देने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने कहा कि पहले साथियों को छोड़ा जाए, उसके बाद आंदोलन खत्म किया जाएगा। आंदोलन खत्म नहीं होने पर अंततः तीन घंटे बाद नगर पुलिस अधीक्षक दर्री लितेश सिंह मौके पर पहुंची और उन्होंने कहा कि सड़क खाली कर दें अन्यथा उनके विरूद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करने का अधिकार पुलिस को है और जेल से छोड़ा जाए अथवा नहीं। इसका निर्णय न्यायालय द्वारा लिया जाता है। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क खाली कर किनारे चले गए। मार्ग खाली होने से भारी वाहनों की आवाजाही शुरू होते ही खदान में उत्खनन का कार्य भी शुरू हुआ। इसके साथ ही प्रबंधन व ठेका कंपनी ने राहत की सांस ली। हालांकि ग्रामीण काफी समय तक सड़क किनारे खड़े रहे, उनका कहना था कि साथी जेल से छूट कर आएंगे, तब हटेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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