कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

बीपीएल राशन कार्डधारी ढाई लाख परिवारों को पᆬरवरी और मार्च महीने का राशन एक साथ दिया जाएगा। धान खरीदी में आई तेजी और मिलिंग के बाद चावल रखने गोदाम में जगह की कमी देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नागरिक आपूर्ति निगम ने दो माह के राशन का भंडारण शुरू कर दिया है। अब तक 98 दुकानों में भंडारण किया जा चुका है।

चावल भंडारण के लिए जिले में पर्याप्त गोदाम सुविधा अब तक नहीं की जा सकी है। भंडारण में होने वाली समस्या के कारण प्रति वर्ष चावल जमा कराने को लेकर मिलर्स में मारामारी रहती है। इस मसले को हल करने के लिए शासन की ओर दो माह का चावल एकमुश्त वितरण करने का निर्देश जारी तो कर दिया जाता है, किंतु चना, शक्कर और नमक एक ही महीने का जारी किया जाता है। ऐसे में हितग्राहियों को नमक-चना के लिए दूसरे माह चक्कर लगाना पड़ता है। चना, शक्कर और नमक के लिए थंब मशीन में अगूंठा लगवाने के बाद कम सामग्री आने की बात कहकर कटौती कर दी जाती है। दूरदराज के गांव में ऐसी समस्याओं का ग्रामीण शिकायत नहीं करते और दुकान संचालकों के लिए यह गाढ़ी कमाई का जरिया बन जाता है। बहरहाल जिला नागरिक आपूर्ति निगम को पᆬरवरी माह में वितरण के लिए 98669.96 और मार्च माह के लिए 83233.36 क्विंटल चावल का आवंटन मिल चुका है।

एपीएल कार्डधारी के लिए इंतजार

दो माह का एकमुश्त चावल केवल बीपीएल हितग्राहियों को दिया जाएगा। एपीएल हितग्राहियों को केवल एक माह पᆬरवरी माह का ही चावल मिलेगा। मार्च महीने का चावल निर्धारित रूटिन के अनुसार ही दिया जाएगा। यानी बीपीएल हितग्राहियों को एक माह इंतजार करना होगा।

राशन रखने जगह की कमी

भले शाासन की ओर से दो माह का चावल एकमुश्त जारी करने का निर्देश दिया है, किंतु भंडारण के लिए कई दुकानों में राशन रखने के लिए जगह की कमी देखी जा रही है। खासकर शहरी क्षेत्र में अतिरिक्त भंडारण गोदाम दुकान संचालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।

भंडारण की स्थिति (क्विंटल में)

0 पᆬरवरी का चावल आवंटन- 98669.96

0 मार्च का चावल आवंटन- 83233.36

0 पᆬरवरी का नमक- 4736.50

0 पᆬरवरी का चना- 4736.50

0 पᆬरवरी का शक्कर- 20368.29

पᆬरवरी और मार्च का राशन बीपीएल कार्डधारियों को एकमुश्त दिया जाएगा। जिन दुकान संचालकों के पास दो माह के भंडारण के लिए जगह नहीं है, वे अलग-अलग माह में वितरण करेंगे। एपीएल कार्डधारियों के लिए एक माह का ही भंडारण किया जा रहा है।

- रमेश तिवारी, प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम

Posted By: Nai Dunia News Network

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