कोरबा। एसईसीएल की कोयला खदानों में टारगेट पूरा करने के अभियान के तहत उत्पादन में पहले से तेजी जरूर आ गई है, लेकिन बीते दो-तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने उत्पादन पर प्रभाव डाला है। राज्य की कई कोयला खदानों में उत्पादन प्रभावित हुआ। कोरबा के साथ-साथ बिलासपुर, सरगुजा, कोरिया और सूरजपुर जिलों में भी एसईसी एल की कई खदानों में बारिश ने उत्पादन पर असर डाला है।

बारिश ने कोरबा में एसईसीएल प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते कोयला उत्पादन का आंकड़ा आंशिक तौर पर प्रभावित हुआ है। अगर एक-दो दिनों तक बारिश लगाकर होती रही तो इसका असर कोयला उत्पादन के निर्धारित लक्ष्य पर पड़ सकता है।

एसईसीएल पर चालू वित्तीय वर्ष का लक्ष्य पूरा करने का दबाव है। यही कारण है कि कोयला उत्पादन में अब पहले से और अधिक तेजी की कोशिश की जा रही है। कोरबा एरिया को छोड़ कुसमुंडा, दीपका और गेवरा एरिया में इन दिनों हर दिन डेढ़ से दो लाख टन के बीच कोयला उत्पादन करने की चुनौती है, लेकिन बे मौसम हो रही बारिश से उत्पादन प्रभावित हुआ है।

इधर एसईसीएल इस वित्तीय वर्ष के अपने निर्धारित लक्ष्य 170 मिलियन टन के मुकाबले अब तक करीब 114 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर पाई है। उसे लक्ष्य के अनुरूप दो माह से भी कम समय में 56 एमटी तक कोयला उत्पादन करना होगा। उधर सरगुजा-कोरिया प्रक्षेत्र में भी एसईसीएल की खदानों में मौसम के असर से उत्पादन धीमा हुआ है। यहां भी तय लक्ष्य को पूरा करने में प्रबंधन को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

Posted By: Himanshu Sharma

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