कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। वर्तमान स्थिति में दूरस्थ क्षेत्रों व खासकर उपनगरों में रेल यात्रियों के लिए टिकट आरक्षण केंद्र की सुविधा नहीं है। यह सेवा रेलवे स्टेशन के अलावा शहर के कुछ चुनिंदा स्थानों में ही मिल रही। ऐसे में दूर रहने वाले लोगों को लंबी दूरी तय कर स्टेशन या शहर के अन्य सुविधा केंद्रों की दौड़ लगाने विवश होना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों की जरूरत की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए सिटी बुकिंग काउंटर की सुविधा की मांग रेल प्रशासन से की गई है।

रेल सेवाओं से संबंधित जिले की समस्याओं और आवश्यकताओं से अवगत कराते हुए सिटी बुकिंग काउंटर की यह मांग मंडल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक में उठाई गई है। बैठक में कोरबा का प्रतिनिधित्व करते हुए समिति के सदस्य हरीश परसाई की ओर से कटघोरा एवं कोरबा में आरक्षण टिकट के लिए यह सुविधा शुरू करने का आग्रह रेल प्रबंधन से किया गया। इसी तरह उन्होंने रेलवे स्टेशन कोरबा के लिए भी अपेक्षित यात्री सुविधाओं में विस्तार किए जाने की मांग रखी है। बताया जा रहा कि बैठक में सदस्यों के सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं मिलने से वे बिफर पड़े। कहा- जब इस बैठक में कोई निर्णय लेने का अधिकार आपके पास नहीं है तो हमें बुलाकर सुझाव लेने का क्या मतलब है। हमारे कितने सुझाव रेलवे बोर्ड को भेजे गए यह जानकारी दें। बैठक में मंडल रेल प्रबंधक आलोक सहाय ने सभी सदस्यों को उनकी सक्रियता पूर्वक की गई सहभागिता के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपके माध्यम से हम सभी चीजों को जानकर उस पर बेहतर कार्य कर सकते हैं।

निर्णय का हक नहीं तो सुझाव पर टिप्पणी क्यों

कोरबा क्षेत्र की मांगों को रखते हुए हरीश परसाई ने कहा कि ट्रेनों का परिचालन, उनके ठहराव आदि पर अगर कोई निर्णय लेने का अधिकार आपके पास नहीं है, तो हमारे दिए गए सुझाव पर आपने टिप्पणी क्यों लिखी। अब तक हमारे किन-किन सुझाव पर रेलवे बोर्ड को पत्र भेजा गया यह पूछने पर किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। अंत में डीआरएम सहाय ने कहा कि जितने भी महत्वपूर्ण सुझाव हैं उन्हें जोनल मुख्यालय के जरिए बोर्ड तक भेजा जाएगा और सदस्यों को इसकी जानकारी भी दी जाएगी। कोशिश कर रहे हैं यात्रियों की समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द हो सके।

पार्किंग में शेड निर्माण कराने का भी सुझाव

इसी तरह श्रीधर नायडू ने कोरबा रेलवे स्टेशन में वाहनों के लिए पार्किंग में छायादार शेड निर्माण कराने का सुझाव दिया। तीन घंटे चली इस बैठक में सभी सदस्यों के 75 से अधिक सवाल किए, जिनमें 30 से अधिक यानी लगभग 40 प्रतिशत सवाल रद्द ट्रेनों को चलाने, जो ट्रेनें चल रहीं हैं उनका स्टापेज पूर्व की तरह यथावत रखने और स्पेशल के नाम पर लिया जा रहा बढ़ा हुआ किराया बंद करने का सुझाव शामिल है। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सभा कक्ष में हुई बैठक में डीआरएम आलोक सहाय सहित उपस्थित अफसरों ने सदस्यों के 75 से अधिक सवालों के जवाब दिए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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