कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। वित्तीय वर्ष समापन की अवधि जैसे- जैसे नजदीक आते जा रही है, वैसे- वैसे कोयला उत्पादन बढ़ा कर लक्ष्य हासिल करने का दबाव बढ़ते जा रहा है।लक्ष्य से पीछे चल रही दीपका खदान का जायजा लेने सीएमडी डा प्रेमसागर मिश्रा पहुंचे। जगमगाती रोशनी के बीच खदान में उतर कर उत्पादन की विधि देखने के साथ ही अधिकारियों से स्थल पर ही चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिया। उन्होंने एकजूटता के साथ कार्य करते हुए उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।

साउथ इस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की मेगा प्रोजेक्ट में शामिल दीपका परियोजना अपने निर्धारित लक्ष्य से काफी चल रही है। इससे प्रबंधन काफी चिंतित है। भू-विस्थापितों के बार- बार हो रहे आंदोलन व वर्षा की वजह से खदान पिछड गई है। बावजूद प्रबंधन की कोशिश है कि किसी तरह उत्पादन के लक्ष्य करीब पहुंचा जा सके। इसलिए न केवल दीपका प्रबंधन बल्कि एसईसीएल मुख्यालय के सीएमडी समेत आला अधिकारी भी जुट गए हैं। सीएमडी डा प्रेम सागर मिश्रा स्वयं खदान में उतर कर लगातार जायजा ले रहे हैं।

उन्होंने साइडिंग जाकर कोल स्टाक की स्थिति देखी, तदुपरांत सीएचपी गए। इस दौरान खदान में उतरते- उतरते अंधेरा हो गया। आमगांव पैच में जाकर खदान विस्तार से जुड़ी चुनौतियां का स्वयं अवलोकन किया। उन्होंने केसीसी ओबी पैच, कोयला पैच, श्रीराम पैच, गोदावरी पैच समेत दीपका मेगा प्रोजेक्ट के लगभग हर हिस्से का निरीक्षण किया तथा माइन प्लान को देखते हुए आवश्यक दिशा निर्देश स्थानीय अधिकारियों को दिए। इस वित्तीय वर्ष में दीपका मेगा परियोजना 380 लाख टन के वार्षिक लक्ष्य की ओर अग्रसर है।

यहां बताना होगा कि गत गुरुवार खदान ने 1.44 लाख टन उत्पादन कर इस वित्तीय वर्ष का सर्वश्रेष्ठ दैनिक उत्पादन दर्ज किया था। निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के महाप्रबंधक रंजन प्रसाद साह साथ रहे तथा कार्यनिष्पादन के संबंध में जानकारी दी। इसके साथ ही दीपका कोर टीम से महाप्रबंधक (खनन) दिलीप एम बोबड़े, क्षेत्र व परियोजना के विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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