कोरबा । सात घंटे की लंबी चली बैठक के बाद प्रबंधन व श्रमिक संघ प्रतिनिधियों के मध्य आखिरकार 76,500 रुपये बोनस पर सहमति बनी। कोयला कर्मियों के बैंक खाते में एक अक्टूबर के पहले राशि जमा करा दी जाएगी। पिछली बार मिले बोनस में चार हजार रूपये की बढ़ोत्तरी की गई है।

साउथ इस्टर्न कोलफिल्डस लिमिटेड (एसईसीएल) समेत कोल इंडिया से संबद्ध अन्य कंपनी में कार्यरत 2.35 लाख कर्मियों के बोनस निर्धारण के लिए प्रबंधन व श्रमिक संगठन के मध्य बुधवार को रांची स्थित सीएमपीडीआइएल कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रमिक संघ प्रतिनिधियों ने पिछले वर्ष से पांच हजार अधिक लाभ होने की बात कह बोनस के रुप में एक लाख रुपये देने का प्रस्ताव प्रबंधन के समक्ष रखा। इस पर प्रबंधन ने असमर्थता जताते हुए 70 हजार रुपये देने की बात कही। इसके साथ ही दोनों पक्ष के मध्य खींचतान शुरू हो गई। दोपहर भोजन अवकाश तक प्रबंधन ने 76,200 हजार तक देने सहमति जताई, जिसे श्रमिक संघ प्रतिनिधियों ने यह कह कर खारिज कर दिया कि पिछली बार चार हजार रूपये की बढ़ोत्तरी हुई थी, इससे कम बढ़ोत्तरी स्वीकार नहीं की जाएगी। दोपहर बाद पुन: बैठक शुरू हुई और काफी गहमागहमी के बाद आखिरकार दोनों पक्ष के मध्य 76,500 रूपये बोनस पर सहमति बन गई। एचएमएस के केंद्रीय अध्यक्ष नाथूलाल पांडेय ने बताया कि बोनस पर बेहतर निर्णय हुआ। दो दिन के भीतर बोनस का भुगतान कर्मियों को कर दिया जाएगा। यहां बताना होगा कि नवरात्र पर्व शुरू हो चुका है और शनिवार से दुर्गा पूजा शुरू हो जाएगी। इसके पहले राशि का भुगतान करने का प्राविधान कोल इंडिया में बना हुआ है। पिछले तीन वर्ष से चार हजार रुपये बोनस में बढ़ोत्तरी हो रही है और इसी अनुपात में इस बार भी राशि की बढोत्तरी हुई है।

बैठक में रहे उपस्थित

बैठक में प्रबंधन की ओर से कोल इंडिया के निदेशक पीएंडआईआर विनय रंजन, बीसीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक सिमरन दत्ता, महानदी कोल फिल्ड्स लिमिटेड के निदेशक कार्मिक केशव राव, सीएमपीडीआईएल के निदेशक टीसीआरडी सत्येंद्र कुमार गोमसे, सीसीएल के निदेशक कार्मिक हर्ष नाथ मिश्रा, एनसीएल के निदेशक कार्मिक मनीष कुमार, कोल इंडिया के कार्यपालक निदेशक कार्मिक एंड एचओडी आईआर एके चौधरी, कोल इंडिया के कार्यपालक निदेशक वित्त सुनील कुमार मेहता व श्रमिक संघ प्रतिनिधियों में बीएमएस से सुधीर एच घुरड़े, जयनाथ चौबे, एचएमएस से नाथूलाल पांडेय, एसके पांडेय, एटक से रमेन्द्र कुमार तथा सीटू से डीडी रामानंदन शामिल हुए।

पीएलआर के नाम से मिलेगी राशि

बैठक के बाद प्रबंधन ने सहमति पत्र जारी कर दिया। कोल कर्मियों को बोनस परफारमेंस लिंक्ड रिवार्ड (पीएलआर) के नाम से प्रदान किया जाएगा। श्रमिक नेताओं का कहना है कि बोनस की सीलिंग बनी हुई है और इससे ज्यादा राशि नहीं दी जा सकती है। जबकि पीएलआर नाम से कर्मियों को अधिक राशि का भुगतान कराया जाता है।

0 किस वर्ष कितना बोनस

वर्ष -राशि (रुपये में)

2010 - 17000

2011- 21000

2012- 26000

2013- 31500

2014- 40000

2015- 48500

2016- 54000

2017- 57000

2018- 60500

2019- 64700

2020- 68500

2021- 72500

2022- 76500

Posted By: Yogeshwar Sharma

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