कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोयला चोरी का वायरल वीडियो होने के बाद कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक के अलावा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल व त्रिपुरा स्टेट रायफल्स हरकत में आ गए हैं। सुरक्षा बलों ने खदान के इर्द गिर्द 24 घंटे सर्चिंग कर रहे। कलेक्टर व एसपी खदान में पहुंच कर सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिए। कलेक्टर ने मौके पर ही खड़े होकर गड्ढा खुदवाया और चारों तरफ फेसिंग लगाने कहा, ताकि चोरी की घटना पर रोक लग सके। कलेक्टर ने दो टूक कहा कि चोरी रोकने की पहली जिम्मेदारी खदान के सुरक्षा बलों की है, उसके बाद प्रशासन की है। इसलिए सुरक्षा के सभी उपाय करते हुए जवान सजग रहे।

एक साथ हजारों की संख्या में कोयला खदान के अंदर उतर कर बोरियों में भर कर कोयला चोरी करने की वीडियो इंटरनेट मीडिया में वायरल होने के साथ ही राज्य में हड़कंप मच गया। न केवल कोरबा के अधिकारी सख्ते में आ गए बल्कि राजधानी के गलियारों में भी इस वीडियो की चर्चा होने लगी। गुरूवार को आइजी रतनलाल डांगी ने इस वीडियो की सत्यता की जांच के लिए एक टीम का गठन भी कर दिया। साथ ही छह बिंदुओं पर कोयला चोरी के मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच से पहले कलेक्टर रानू साहू व पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल शुक्रवार को एसईसीएल की गेवरा, दीपका खदान के नरईबोध, भठोरा, रलिया व अमगांव पहुंचे। यहां उन्होंने देखा कि खदानों में प्रवेश व बाहर निकलने वाले स्थानों में फेसिंग तार नहीं लगाए गए हैं। न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था है। इस पर कलेक्टर ने एसईसीएल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की। कलेक्टर ने मौके पर ही खड़े होकर जेसीबी के माध्यम से अमगांव में अवैध रास्तों पर गड्ढा करा उसे बंद कराया। इसके अलावा उन्होंने अवैध कोयला उत्खनन व चोरी रोकने के लिए चिंहाकित किए गए चेकपोस्ट बना कर एसआई रैंक के अधिकारियों की ड्यूटी लगाने कहा है। कलेक्टर ने यह भी कहा है कि खदान के उन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए, जहां पर चोरी की घटनाएं हो रही। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि खदानों की सुरक्षा की जवाबदारी सीआइएसएफ की है। इसके लिए कंपनी के पास पर्याप्त सुरक्षा बल है।

एसईसीएल की लापरवाही से हो रही चोरीः कलेक्टर

कोयला चोरी से जुड़े वायरल हो रहे वीडियो की जांच के लिए मैं कोयला खदानों में गई थी। फरवरी- मार्च माह में मैने एसईसीएल के अधिकारियों व सीआइएसएफ की बैठक ली थी। उस वक्त मैने खदानों के चारों तरफ फेसिंग करने के लिए कहा था। चोरी की संभावना स्थल पर चेकपोस्ट बनाए जाने के निर्देश मैने दिए थे, पर यहां निरीक्षण किए जाने के दौरान यह पाया गया कि अधिकारियों न लापरवाही बरतते हुए इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। एसईसीएल की संपत्ति की सुरक्षा की पहली जवाबदारी उनकी अपनी है, इसके बाद हमारी है।

सुरक्षा बल ने शुरू की गश्त

कोयला खदान से हजारों की संख्या में कोयला चोरी किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद खदान क्षेत्रों में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के जवान भी हरकत में आ गए हैं।जवानों की एक टुकड़ी ने हरदी बाजार के पास ग्राम भठोरा में कोयला चोरों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस घटना से चोरों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा बल की इस कार्रवाई के दौरान आम लोग भी जवानों के निशाने पर आ गए। कई राहगीरों पर भी डंडे बरसाए गए, जिसकी वजह से किसी का सिर फूट गया तो किसी के हाथ में चोट आई। लोग डंडे की मार से बचने के लिए इधर-उधर भागते रहे। मार खाने वालों में भिलाईबाजार के सरपंच का बड़ा भाई भी शामिल है, जो एक शादी में शामिल होने के लिए बाहर जा रहा था। जवानों की कार्रवाई को देखकर रुका तो जवानों ने उस पर भी लाठियां बरसाई। ग्राम कोसमभांठा निवासी एक युवक भी सीएसएफ की लाठी से घायल हो गया है, उसके सिर में चोट आई है।

अधिकारी- कर्मचारियों ने भी खोला मोर्चा, उठाया डंडा

उधर चोरी की घटनाओं से परेशान एसईसीएल की दीपका खदान में अधिकारी और कर्मचारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। डीजल व कोयला चोर हथियार से लैस होकर खदान के अंदर बेधड़क घुसते हैं और चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। इससे निपटने के लिए अधिकारी- कर्मचारियों ने अब डंडा उठा लिया है। डयूटी के दौरान संगठित होकर कर्मचारी चोरों को खदेड़ने में लगे हैं। बताया जा रहा है कि श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि इसका नेतृत्व कर रहे हैं।

थाना, चौकियों में चोरी की शिकायतों की फेहरिस्त

यह बताना होगा कि एसईसीएल की खदानों की सुरक्षा के लिए सीआइएसएफ के अलावा त्रिपुरा राइफल्स के जवानों को भी तैनात किया गया है। इसके बाद भी खदानों में चोरी की घटनाएं नहीं रुक रही है। दिनदहाड़े चोर पिकअप वाहन लेकर डीजल चोरी करने घुस जाते हैं। इन्हें रोकने का प्रयास करने वाले जवान व सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने से भी नहीं चूकते। खदान क्षेत्र के थाना व पुलिस चौकियों में इस तरह की घटनाओं की शिकायतें की लंबी फेहरिस्त है।

लाइन अटैच की कार्रवाई, केवल खानापूर्तिः डा राजीव

भाजपा के जिलाध्यक्ष डा राजीव सिंह ने कहा है कि देश कोयले के संकट से जूझ रही है और इधर एसईसीएल की कोरबा में संचालित खदानों में दिनदहाड़े कोयले की चोरी की जा रही। तस्कर इस कदर बेखौफ हैं कि सुरक्षा बलों पर हमला करने से नहीं चूक रहे। आइजी बिलासपुर ने इस मामले के जांच के आदेश दिए हैं। दीपका थाना व हरदीबाजार चौकी के प्रभारी जिस तरह से कोयला चोरों को संरक्षण दिए थे, उनके खिलाफ केवल लाइन की कार्रवाई किया जाना महज खानापूर्ति है. ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

रोज 10 से 15 ट्रेलर कोयला होता है रवाना

खदान में आसपास के ग्रामीणों को उतार कर कोयला की चोरी कराने वाले चार से पांच गिरोह सक्रिय है। ग्रामीणों से दो से तीन रूपये किलो के हिसाब से कोयला खरीदा जाता है और आठ से 10 हजार रुपये टन तक बाजार में तस्कर खपाते हैं। वर्तमान में लघु व मध्यम श्रेणी के उद्योगों से खदान से कोयला कम दिया जा रहा। संकट की वजह से ज्यादातर उद्योगपति अधिक दाम में अवैध कोयला खरीदने मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि औसतन हर रोज कोरबा से 10 से 15 ट्रेलर अवैध कोयला बिलासपुर, रायगढ़ व अंबिकापुर मार्ग के लिए रवाना होता है। बिलासपुर में कई कोल डिपो संचालित हैं, जहां कोयले का भंडारण किया जा रहा है।

हथियारबंद डीजल चोर घुसते हैं खदान में

कोयला माफियाओं से सांठगांठ की वजह से एसईसीएल के अधिकारी व सुरक्षा व्यवस्था में जुटे लोग कोयला चोरी की घटनाओं को नजर अंदाज करते हैं। न केवल कोयला बल्कि डीजल चोर भी खदानों में सक्रिय हैं। बंदूक की नोंक में डरा धमका कर एसईसीएल के भारी वाहनों से डीजल निकाल फरार हो जाते हैं। दुस्साहस का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि न केवल रात को बल्कि दिनदहाड़े कैंपर वाहन में खाली जरीकेन में लेकर सुरक्षा बल के सामने खदान में घुसते हैं और डीजल निकाल लेते हैं। इस बीच रोकने की कोशिश की जाए, तो गाड़ी से रौंदने की कोशिश की जाती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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