कोरबा। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत अब सवा लाख परिवारों को सिलेंडर की रिफलिंग कराने अब अधिक राशि खर्च नहीं करना पडेगा। बढती महंगाई में हितग्राहियों द्वारा रिफलिंग नहीं कर पाने की समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने हितग्राहियों को 14.2 किलो ग्राम के सिलेंडर की जगह 5 किलो का छोटा सिलेंडर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

खाद्य विभाग ने भी शुरूआती दौर में दुर्गम क्षेत्रों के 10 हजार हितग्राहियों के लिए छोटे सिलेंडर की मांग पत्र शासन को भेज दिया था। सितंबर माह से छोटे सिलेंडर की आपूर्ति होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में भोजन पकाने के लिए परंपरागत ईंधन के साधन जैसे लकडी, कोयला और गोबर के कंडे का उपयोग किया जाता है। महिलाओं का अधिकांश समय इनकी व्यवस्था करने तथा इसके जरिए खाना बनाने में व्यतीत हो जाता है।

ईंधन के इन साधनों से निकलने वाले धुएं से महिलाओं का स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। घरेलू गैस सस्ता और प्रदूषणमुक्त ईंधन है। भोजन पकाने में सुगम होने के साथ—साथ महिलाओं को भोजन पकाने में लगने वाले समय की भी बचत करता है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना की शुरूआत की गई है।

इसके तहत वर्ष 2011 के आर्थिक जनगणना के आधार पर बीपीएल परिवार को इस योजना के तहत बेहद रियायती दर पर गैस कनेक्शन एवं सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। शासन द्वारा इसके लिए प्रति हितग्राही 1400 रूपये की सब्सिडी दी जा रही है। तीन वर्षीय कार्य योजना के तहत एक लाख 59 हजार परिवारों को वर्ष 2018—19 तक लाभान्वित करना है।

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