बिजली की डिमांड कम, संयंत्रों से उत्पादन पड़ा घटाना

कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। लॉकडाउन के कारण राज्य में बिजली की डिमांड घटने से छत्तीसगढ़ पावर जनरेशन कंपनी ने दो इकाई से 250 मेगावाट उत्पादन कम कर दिया है। पहले से ही पावर प्लांट से क्षमता से करीब 1300 मेगावाट बिजली उत्पादन कम हो रहा। आम दिनों में करीब 3600 मेगावाट की मांग रहती है, पर औद्योगिक व बड़े प्रतिष्ठान बंद होने से मांग 2500 मेगावाट में सिमट कर रह गई है।

तकनीक ने चाहे जितनी भी तरक्की कर ली हो, पर आज भी बिजली स्टॉक की तकनीक इजाद नहीं हो सकी है। यही वजह है कि डिमांड के अनुरूप ही बिजली का उत्पादन निर्भर रहता है। ऐसे तो मार्च से जून तक गर्मी के सीजन में करीब चार हजार मेगावाट तक बिजली की डिमांड पहुंच जाती है, पर इस बार अभी गर्मी शुरुआती दौर पर है। वहीं कोरोना वायरस के चलते देश समेत पूरे राज्य में लॉकडाउन है। इसका सीधा असर बिजली के उत्पादन और मांग पर पड़ा है। बुधवार की रात को बिजली की डिमांड कम होने से 1340 मेगावाट वाले एचटीपीपी प्लांट से 100 मेगावाट व 500 मेगावाट वाले डीएसपीएम प्लांट में 150 मेगावाट बिजली उत्पादन कम कर दिया गया। एक दिन पहले मंगलवार को भी 600 मेगावाट लोड शेडिंग की गई। बात अगर कोयले की आपूर्ति की करें तो कंपनी की सभी पावर प्लांटों में पर्याप्त स्टॉक है।

-किस प्लांट से कितना उत्पादन कम

कंपनी के पांच पावर प्लांटों की 3200 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता है, पर बुधवार को इन प्लांटों से 1300 मेगावाट बिजली कम मिली। 240 मेगावाट वाले पूर्व संयंत्र से 178 मेगावाट, एचटीपीपी में 1340 के स्थान पर 1000 मेगावाट, अटल बिहारी संयंत्र मड़वा से 1000 के स्थान पर 371, डीएसपीएम में 500 के स्थान 368, बांगो जल विद्युत संयंत्र से 120 के स्थान पर 40 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ।

-पहले से दो इकाई लंबे समय से हैं बंद

विद्युत कंपनी के 1000 मेगावाट क्षमता वाले मड़वा प्लांट की एक 500 मेगावाट इकाई पिछले एक माह से बंद पड़ी हुई है। ब्लेड टूट जाने की घटना के बाद से मरम्मत नहीं हो सकी है। 1340 मेगावाट क्षमता वाले एचटीपीपी की 210 मेगावाट की दो नंबर इकाई वार्षिक मरम्मत व रखरखाव के लिए एक पखवाड़े से बंद है। इन दो इकाई के बंद रहने के बाद भी बिजली उत्पादन कम करने की नौबत आ गई।

-कोरबा के संयंत्रों में पर्याप्त कोयला

अन्य राज्यों में कोयला आपूर्ति भले ही मजदूरों के अभाव में आंशिक रूप से प्रभावित हुई है, पर कोरबा के पावर प्लांटो में पर्याप्त कोयला है। कुसमुंडा खदान से सीधे कन्वेयर बेल्ट सिस्टम से एचटीपीपी में कोयला पहुंच रहा। इधर कोरबा पूर्व संयत्र में मानिकपुर से विभागीय मालगाड़ी से कोयले की आपूर्ति की जा रही। एनटीपीसी रेल लाइन बिछा कर अपनी मालगाड़ी से दीपका खदान से कोयला लाता है। बाल्को ने अपने चोटिया खदान से कोयला लाकर पहले ही स्टॉक कर लिया है। लैंको को नियमित रूप से कोयला मिल रहा है।

-डिमांड कम है

राज्य में बिजली की डिमांड वर्तमान में कम है, इसलिए लोड-डिस्पैच ने उत्पादन कम करने का निर्णय लिया है। बुधवार की रात से दो इकाई से उत्पादन घटाया गया है। संयंत्रों में कोयले का स्टॉक पर्याप्त है।

- एनके बिजौरा, प्रबंध निदेशक, विद्युत उत्पादन कंपनी

Posted By: Nai Dunia News Network

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